गृहिणी: घर की CEO — ऐतिहासिक परंपरा से आधुनिक रणनीतिक नेतृत्व तक : डॉ. श्वेता शर्मा
गृहिणी: घर की CEO — ऐतिहासिक परंपरा से आधुनिक रणनीतिक नेतृत्व तक : डॉ. श्वेता शर्मा
क्यों मैनेजमेंट को गृहिणियों से सीखना आवश्यक है
जब हम नेतृत्व और प्रबंधन की चर्चा करते हैं, तो अक्सर बोर्डरूम, CEO या बड़े पदों वाले लोगों का उदाहरण लिया जाता है। लेकिन असल में, घर की हर जिम्मेदारी एक प्रबंधन का जीवंत उदाहरण है। गृहिणियाँ न केवल घर चलाती हैं, बल्कि संसाधनों का प्रबंधन, समय और बजट का संतुलन, और परिवार के सदस्यों के बीच सहयोग बनाए रखना भी करती हैं। इसे हम कह सकते हैं: Management Learning from Homemaker।
ऐतिहासिक संदर्भ: घर से नेतृत्व की परंपरा
इतिहास में महिलाएँ सिर्फ पारिवारिक कामकाज तक सीमित नहीं थीं। प्राचीन और मध्यकालीन भारत में महारानियाँ और समाज की अग्रणी महिलाएँ आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक निर्णयों में भाग लेती थीं। उदाहरण के लिए, महारानी झलकारी बाई, रानी लक्ष्मीबाई और नवाब बानो बेगम ने न केवल अपने घर का नेतृत्व किया, बल्कि सामरिक निर्णयों और समाज में बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि नेतृत्व केवल पदनाम और अधिकार से नहीं आता, बल्कि अनुभव, निर्णय‑क्षमता और धैर्य से विकसित होता है। यही सीख आज के गृहिणियों के कार्यों में दिखाई देती है।
आधुनिक गृहिणी: घर की CEO
आज की गृहिणियाँ घर के कामकाज में वह सभी गुण दिखाती हैं जो मैनेजमेंट के सिद्धांतों में पढ़ाए जाते हैं।
1. बजट और वित्तीय योजना
गृहिणियाँ घर का मासिक बजट तैयार करती हैं, जिसमें किराना, बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा और अन्य खर्च शामिल होते हैं। यह वही वित्तीय प्रबंधन है, जो कंपनियों में होता है। भारतीय गृहिणियों द्वारा घर के बजट का औसत प्रबंधन ₹25,000–₹40,000 मासिक होता है।
2. समय प्रबंधन
घर का कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, व्यक्तिगत और परिवारिक जिम्मेदारियों को संतुलित करना समय प्रबंधन का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
3. संकट प्रबंधन
महामारी जैसे कोविड‑19 या आर्थिक संकट में गृहिणियाँ घर और परिवार के लिए त्वरित और प्रभावी निर्णय लेती हैं।
4. मानव प्रबंधन
गृहिणियाँ परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल, सहयोग और प्रेरणा बनाए रखती हैं।
5. नवाचार
गृहिणियाँ पारंपरिक कार्यों को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, ई‑कॉमर्स या स्थानीय व्यवसाय में परिवर्तित कर रही हैं।
Management Learning from Homemaker: समकालीन उदाहरण
A. Reshma Suresh – Tocco
मुंबई की गृहिणी Reshma Suresh ने 2023 में घर से “Tocco” शुरू किया। इस प्लेटफ़ॉर्म ने 1,000+ मासिक ऑर्डर प्राप्त किए और ₹1 करोड़ से अधिक का वार्षिक कारोबार किया। यह दिखाता है कि गृहिणी रणनीतिक सोच, संसाधन प्रबंधन और नवाचार को सफल व्यवसाय में बदल सकती हैं।
B. Lakshmi’s by GSB
गृहिणी Lakshmi Muralidhara ने पारिवारिक नुस्खों को व्यवसाय में बदलकर ₹12 लाख वार्षिक कारोबार तक पहुँचाया। यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि गृहिणियाँ व्यवसायिक योजना और विपणन रणनीति घर से ही सीखती हैं।
C. Tata AI Sakhi Immersion Program
इस कार्यक्रम के तहत 600+ महिलाओं को AI और डिजिटल कौशल सिखाए गए, ताकि वे अपने घर और व्यवसाय में डेटा‑संचालित निर्णय ले सकें। यह आधुनिक तकनीक और प्रबंधन कौशल का मिश्रण है।
D. Toshali Mela
महिला‑नेतृत्व वाले स्टार्टअप ने अपनी कला और हस्तशिल्प उत्पादों के माध्यम से स्थानीय और राष्ट्रीय बाजार में पहचान बनाई। यह दिखाता है कि गृहिणियाँ कला और व्यवसायिक प्रबंधन को जोड़कर सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
E. लिज्जत पापड़
लिज्जत पापड़ की स्थापना सात गृहिणियों ने की थी। आज इसका संगठन 45,000+ सदस्यों और ₹1,600 करोड़ वार्षिक कारोबार का मालिक है। यह सामूहिक नेतृत्व और संगठन कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
गृहिणी से सीखने योग्य प्रबंधन सिद्धांत
संसाधन प्रबंधन: सीमित संसाधनों में अधिकतम परिणाम।
समय प्रबंधन: मल्टी‑टास्किंग और प्राथमिकताओं का संतुलन।
संकट प्रबंधन: त्वरित निर्णय और धैर्य।
मानव प्रबंधन: संवाद, प्रेरणा और सहयोग।
नवाचार: डिजिटल तकनीक और आधुनिक अवसरों का उपयोग।
ये सभी सिद्धांत हमें दिखाते हैं कि घर ही पहला और सबसे बड़ा प्रबंधन स्कूल है।
समाज, कला, विज्ञान में योगदान
आज गृहिणियाँ केवल घर तक सीमित नहीं हैं। वे:
पारंपरिक कला और संस्कृति को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित करती हैं।
बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए नवाचार करती हैं।
छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती हैं।
इस प्रकार, Management Learning from Homemaker केवल पारिवारिक या आर्थिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी नेतृत्व का भी प्रतिनिधित्व करता है।
निष्कर्ष
गृहिणियाँ केवल घर की देखभाल नहीं करती; वे समाज, व्यवसाय और तकनीकी नवाचार में नेतृत्व दिखाती हैं। Management Learning from Homemaker हमें यह सिखाता है कि नेतृत्व केवल पद और अधिकार से नहीं आता, बल्कि अनुभव, योजना, नवाचार और धैर्य से विकसित होता है।
आज के मैनेजमेंट छात्र, उद्यमी और पेशेवर गृहिणियों के अनुभव से बेहतर योजना, टीमवर्क, संकट प्रबंधन और मानवीय दृष्टिकोण सीख सकते हैं। इतिहास से लेकर आधुनिक डिजिटल युग तक, गृहिणियाँ यह संदेश देती हैं: घर ही पहला बोर्डरूम है और गृहिणी वह CEO है, जिससे हर प्रबंधन छात्र सीख सकता है।
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लेखिका: डॉ. श्वेता शर्मा, सहायक प्रोफेसर, इतिहास विभाग, S.S. Jain Subodh P.G. College, जयपुर