भारत की आत्मा मंदिरों और तीर्थों में वास करती है-राज्यपाल कटारिया*
*भारत की आत्मा मंदिरों और तीर्थों में वास करती है-राज्यपाल कटारिया*
*109 चंदन पार्श्व पद्मावती तीर्थ धाम पर प्रतिष्ठा महोत्सव में पहुंचे पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया
जोधपुर।नाकोड़ा तीर्थ पर दर्शन पूजन कर गुरुवार सुबह जोधपुर के सालावास रोड स्थित 109 चंदन पार्श्व पद्मावती तीर्थ धाम पर चल रहे प्रतिष्ठा महोत्सव में पंजाब- हरियाणा के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पहुंचे। जहां पर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा गवर्नर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद तीर्थ धाम पर राज्यपाल कटारिया ने सपत्नीक मां पद्मावती के दर्शन कर पूजन किया। प्रतिष्ठाचार्य आचार्य भगवंत विजय कुलचंद्र सुरीश्वर केसी महाराज व गुरु मैया चंदनप्रभा से आशीर्वाद लिया। प्रतिष्ठा महोत्सव ट्रस्ट मंडल द्वारा राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का साफा, माला मोमेंटो व श्रीफल देकर सम्मान किया गया।
पंजाब व हरियाणा के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने चंदन पार्श्व पद्मावती तीर्थ धाम पर प्रतिष्ठा महोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जैन समाज के कार्यक्रमों में भारत की अर्थव्यवस्था शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में जैन समुदाय के अनुकरणीय योगदान की प्रशंसा की है। उन्होंने एकजुट रहने नशामुक्ति और जैन सिद्धांतों (अहिंसा व करुणा) को अपनाने के लिए प्रेरित किया साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया। कटारिया ने कहा है कि संख्या में छोटे होने के बावजूद जैन समाज का प्रभाव सेवा और योगदान अतुलनीय है। युवाओं को जैन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बात कही। प्रतिष्ठा महोत्सव एवं धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। समाज में नशामुक्ति और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया ।संत धार्मिक उपयोग तक सीमित नहीं रहते बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। हमें आपसी सहयोग व आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने की यह पहल करनी होगी।उन्होंने कहा कि संस्कृति, संस्कार और समय-चेतना—इन तीनों का संतुलन ही समाज को सुदृढ़ बनाता है। काल की शुद्ध गणना संयमित जीवन और पर्वों का अनुशासित पालन ही जैन जीवनशैली की आत्मा है।
2-गुरु मैया चंदन प्रभा मां कल्याणी पदवी से अलंकृत-
प्रतिष्ठा महोत्सव समारोह में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने तीर्थ धाम संस्थापिका गुरुमैया चंदन प्रभा को पदवी सम्मान पत्र देकर मां कल्याणी की पदवी से अलंकृत किया। उनको यह सम्मान उनके त्याग संयम ज्ञान आध्यात्मिक मार्गदर्शन अहिंसा नैतिकता की स्थापना राष्ट्रहित और समाज में किए गए अनुमोदनीय कार्य को देखते हुए प्रदान किया गया।