मकर संक्रान्ति पर्व 14 जनवरी को
मकर संक्रान्ति पर्व 14 जनवरी को
*तीर्थों में स्नान व सूर्य उपासना का महत्व प्रात:काल से मान्य लेकिन संक्रांति का पुण्य काल अपराह्न से सूर्यास्त तक रहेगा*
सूर्य उपासना का पर्व मकर संक्रांति इस बार माघ कृष्ण एकादशी बुधवार 14 जनवरी को बुधवार को मनाई जाएगी।
पंडित सुरेश गौर ने बताया कि इस दिन मल मास समाप्त होंगे तथा इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है लेकिन इस बार 2 फरवरी तक शुक्र तारा अस्त होने के कारण मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। इस बार संक्रांति के दिन शट्तिला एकादशी व्रत भी है। इसलिए तिल का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा। बुधवार 14 जनवरी को अपराह्न 03 बजकर 07 मिनट पर सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सूर्यदेव उत्तरायण हो जायेंगे एवं मलमास भी समाप्त हो जायेंगे। मकर संक्रान्ति का पर्व 14 जनवरी 2026 को ही मनाया जायेगा एवं इसका पुण्यकाल अपराह्न से सूर्यास्त तक रहेगा।इसी दिन स्नान -दान का महत्व रहेगा।इस दिन सूर्य उपासना करनी चाहिए।इस दिन तिल व तिल से बनी वस्तुओं का दान किया जाता है।साथ ही जरूरत मंद लोगों को सर्दी से बचाने हेतू काष्ठ व ऊनी वस्त्र व कम्बल देना चाहिए।लेकिन खिचड़ी का दान दूसरे दिन द्वादशी को किया जा सकता है। इस बार संक्रांति शरीर पर कुमकुम का लगाकर पीले वस्त्र धारण कर जाति के फूलों की माला धारण किए हुए हाथ में गदा लेकर चांदी के पात्र में खीर का भोजन करती हुई कुमारी अवस्था में रहेगी।संक्रांति का वाहन बाघ एवं उप वाहन घोड़ा रहेगा।यह संक्रांति 30 मुहूर्त रहेगी।