श्री गुरु फूलनारायण आश्रम - सोजत में आज से पंच दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव प्रारंभ
भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति की पावन धरा श्री गुरु फूलनारायण आश्रम - सोजत में आज से पंच दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव प्रारंभ
सोजत /श्री गुरू फूलनारायण महाराज की जीवित समाधि स्थल, तपोभूमि एवं विश्व के समस्त श्रीमाली ब्राह्मणों का एकमात्र गुरुद्वारा श्री गुरू फूलनारायण आश्रम सोजत सिटी (पाली) राजस्थान में गुरु पूर्णिमा महोत्सव आषाढ़ सुदी एकादशी शनिवार 25. जुलाई से आषाढ़ सुदी पूर्णिमा 29 जुलाई बुधवार तक हर्षोल्लास से मनाया जायेगा। अखिल भारतीय श्री गुरू फूलनारायण गुरुद्वारा आश्रम न्यास के अध्यक्ष
सुरेन्द्र कुमार त्रिवेदी ने बताया कि सोजत सिटी सम्पूर्ण भारतवर्ष के श्रीमाली ब्राह्मण समाज का एक मात्र गुरूद्वारा ऐतिहासिक नगरी सोजत में स्थित हैं आज से 250 वर्ष पूर्व इसी छोटी काशी और ऐतिहासिक ताम्रवती नगरी के एक युवा श्रीमाली ब्राह्मण नारायणलाल द्विवेदी (माहुड़ा) को पूर्ण वैराग्य उत्पन्न हुआ। वे सीधे जोधपुरिया गेट से एक किमी दूर पर स्थित प्राचीन धारेश्वरी नदी वर्तमान लीलावती व सुखावती के संगम को पार कर दूसरे किनारे अश्वत्थ, अर्क, शमी, बबूल आदि झाड़ी युक्तसघन वन में जा पहुँचे और एक शमी वृक्ष के नीचे बैठकर स्वयं ही शिखा-सूत्र का त्याग कर दिगम्बर होते हुए मौन धारण कर घनघोर कठिन तपस्या में लीन हो गए। सर्दी गर्मी वर्षा, लू के थपेड़े और भूख प्यास की चिन्ता किए वगैर वे योग साधना में लीन हो गए ।
गांव लुण्डावास का एक 12 वर्ष का बालक फूलचन्द आत्मज दीपचन्द व्यास पुरेचा स्वतः प्रेरणा से उनकी सेवा में तत्पर हो गया और मन ही मन उनको गुरूमान कर सर्वस्व समर्पण कर दिया। यही बालक कालांतर में फूलनारायण के नाम से दिगदिगन्त में विख्यात हो गया । विक्रम संवत 1864 की वैशाख शुक्ला तृतीया को उन्होंने संन्यास की दीक्षा ली और निर्वाण तिथि संवत् 1919 की कार्तिक शुक्ला चतुर्दशी को जीवंत समाधि लेने तक जो सिद्धियों एवं चमत्कारों का प्रयोग किया वह केवल जनहित में ही किया तथा दीनदुखियों की मदद करने में किया। श्री फूलनारायण स्वामी, परमहंस रामकृष्ण के समकालीन थे और इन दोनों महापुरूषों की मुलाकात का प्रसंग कलकत्ता स्थित वाचनालय से प्राप्त एक प्राचीन ग्रंथ के आधार पर डॉ. पी. आर. शर्मा संचालक रामरूक्मणी केन्द्र जिनेवा ने किया हैं।
स्वामी फूलनारायणजी ने 12 वर्ष तक श्री सुरेश्वर महादेव के मंदिर में रहकर घोर तप किया तथा वहाँ मीठे पानी का कुँआ खुदवाया । महाराज तख्तसिंह ने गुरूदेव की सिद्धियों एवं ज्ञान से प्रभावित होकर सुरेश्वर महादेवजी की लगभग 6 बीघा और वर्तमान फूलनारायण आश्रम की लगभग 35 बीघा जमीन फूलनारायणजी को अर्पित की। गुरुपूर्णिमा महोत्सव पर संत सानिध्य एवं समाज गौरव रघुवीरदास त्यागी महाराज महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महोत्सव में भाग लेकर आशीर्वचन देंगे।
महोत्सव की शुरुआत आज देवश्यनी एकादशी शनिवार को प्रातः 7 बजे से महादेव रुद्राभिषेकम् -
भजन कीर्तन से हुई।दोपहर 2 बजे, सांय,महाप्रसादी, 26 जुलाई 2026, रविवार,महादेव रुद्राभिषेकम् - प्रातः 7 बजे, दोपहर 3बजे सत्संग कीर्तन एवं सांय 5बजे,महाप्रसादी,27 जुलाई 2026, सोमवार,महादेव रुद्राभिषेकम् प्रातः 7 बजे,
श्लोक एवं फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे,महाप्रसादी
सायं 5 बजे होगी।
28 जुलाई 2026, मंगलवार को भुड़ायत माता मंदिर लुण्डावास में पूजन, यज्ञ विशाल भजन संध्या व प्रसादी होगी। गुरु पूर्णिमा को आश्रम परिसर पं. पियुष त्रिवेदी द्वारा बुधवार, 29 जुलाई, 2026 महारुद्राभिषेकम सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।प्रतिभा सम्मान समारोह दोपहर 12 बजे,गुरु महाप्रसादी सायं 6 बजे से शुरू होगी। इस मौके पर भामाशाह, अतिथि सम्मान एवं वार्षिक रिपोर्ट दोपहर 2.30 बजे प्रस्तुत की जाएगी। सांय विशेष आरती होगी। आश्रम को महोत्सव के अवसर पर रोशनी से सजाया गया हैं। श्रद्धालुओं के लिए चाय पानी की व्यवस्था रखी गई हैं।
आश्रम में विगत तीन वर्षो से विकास के कई कार्य हुए हैं। देश के कोने कोने से हजारों की तादाद में भक्तगण शामिल होंगे। न्यास सचिव सुरेंद्र कुमार व्यास, प्रवक्ता क़मल व्यास कोषाध्यक्ष अशोक महूडा एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्य अपनी सेवाएं प्रदान कर रहें हैं साथ पांच दिवसो को अलग-अलग भामाशाह द्वारा महा प्रसादी व अन्य सेवा कार्यों में योगदान दे रहें हैं।