अंजीव अंजुम की 204 वीं पुस्तक "तिरंगा लहरा उठा" का विमोचन
अंजीव अंजुम की 204 वीं पुस्तक "तिरंगा लहरा उठा" का विमोचन
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी जयपुर के संस्थापक सदस्य एवं बाल साहित्य रचनाकार अंजीव अंजुम की बाल साहित्य कृति "तिरंगा लहर उठा" का विमोचन अनुराग सेवा संस्थान के तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय खौहरापाड़ा लालसोट के प्रांगण में किया गया। मुख्य अतिथि डॉ पदम सिंह पदम करहल मैनपुरी, विशिष्ट अतिथि श्री महाराम सिंह मृदुल इटावा, एनसीईआरटी के सहायक संपादक श्री शिव मोहन यादव दिल्ली, साहित्य अकादमी दिल्ली के सम्मानित सदस्य एवं नेपाली भाषा के वरिष्ठ रचनाकार श्री अमर बनियाँ लोहोरो गंगटोक, विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती चेतना बंसीवाल, अनुराग सेवा संस्थान के संस्थापक सियाराम शर्मा एवं दोसा के साहित्यकार श्री संजीव रावत ने अंजुम की 204 वीं कृति का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर पदम सिंह पदम ने कहा "अंजीव की यह पुस्तक बाल साहित्य के उस मुकाम को हासिल करती है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ बालक भावनात्मक रूप से समाज, परिवार और रिश्तों से जुड़ता है । आज बालक पढ़ाई के बोझ के तले इस कदर दब गया है कि वह रिश्ते नाते परिवार और समाज सभी को भूलता जा रहा है। आज आवश्यकता है उन कहानियों की जो बच्चों को उनके नैतिक दायित्वों के साथ-साथ उन्हें परिवार और समाज से जोड़ सकें। अंजीव की यह कहानियां इस मापदंड पर सौ प्रतिशत खरी उतरती हैं।
अनुराग सेवा संस्थान के संस्थापक श्री सियारामशरण शर्मा ने कहा अंजुम ने बाल साहित्य में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार का बाल साहित्य श्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले अंजुम राजस्थान के एक मात्र साहित्यकार हैं। यह दोसा जिले के लिए ही नहीं राजस्थान के लिए भी गौरव की बात है।
एनसीईआरटी के सहायक संपादक डॉ शिव मोहन यादव, श्री महाराम सिंह मृदुल एवं श्री अमर बनिया लोहोरो ने अंजुम के साहित्य के विविध पक्षों पर विचार रखें। विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती चेतना बंसीवाल ने सभी आगंतुकों अतिथियों एवं साहित्यकार अंजीव अंजुम का माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। स्काउट अध्यापक श्री श्रीकांत जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा।