जमाअत ए इस्लामी हिंद द्वारा इस्तकबाल ए रमजान कार्यक्रम आयोजित
जमाअत ए इस्लामी हिंद द्वारा इस्तकबाल ए रमजान कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट मुमताज अली
ब्यावर। जमाअत ए इस्लामी हिंद ब्यावर की ओर से करबला मार्ग, ब्यावर में इस्तकबाल-ए-रमजान प्रोग्राम आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, उलेमा ए किराम और अइम्मा ए मसाजिद ने शिरकत की।

कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना शरीफुल हसन ने तज़्कीर बिल कुरआन से की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ जावेद हुसैन ने रमज़ान माह की फ़ज़ीलत और अहमियत पर बोलते हुए बताया कि रमज़ान इंसान के अंदर तब्दीली और इंकलाब का महीना है। इस महीने में अल्लाह ने हर बालिग मुसलमान मर्द व औरत पर पूरे तीस दिनों के रोज़े अनिवार्य किए हैं।
यह महीना प्रशिक्षण एवं तरबियत का महीना है जिसमें मुसलमान रोज़े के दौरान अपने अंदर से हर तरह की बुराइयों और कमजोरियों को दूर करने की और अपने अंदर तक्वा, परहेजगारी और ईश-परायणता पैदा करने की कोशिश करता है।
यह महीना आत्म नियंत्रण, आत्म–संयम और सब्र का महीना है।
इस महीने में मुसलमान रोज़े के दौरान भूखा और प्यासा रहकर गरीबों की भूख और प्यास को महसूस करता है इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा नेकियाँ करने, जरूरतमंदों, गरीबों, यतीमों और बेवाओं की मदद करने की कोशिश करता है।

उन्होंने बताया कि इसी महीने में ईश्वर ने समस्त मानव जाति के लिए अपना अंतिम संदेश कुरआन अपने अंतिम ईशदूत हज़रत मुहम्मद (सल्ल०) पर अवतरित किया जो समस्त मानव जाति के लिए मार्ग दर्शन है और ऐसी स्पष्ट शिक्षाओं पर आधारित है जो सीधे मार्ग की ओर रहनुमाई करने वाली और सत्य और असत्य का अंतर स्पष्ट कर देने वाली है। अतः हम सभी को इस महीने में ज्यादा से ज्यादा कुरआन का अध्ययन करने, उसको समझने, उस पर अमल करने और दूसरों तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
अंत में जमाअत ए इस्लामी हिंद जिला ब्यावर, राजसमंद और पाली के सह सेक्रेटरी मुमताज अली ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
