प्रेम का होना अंतिम सांस तक
प्रेम का होना अंतिम साँस तक
THE BHASWAR TIMES
BY :- ANJU JANGID RADHE
प्रेम का होना
और प्रेम में होना
कुछ-कुछ इन ओस की बूँदों सा है.....
जो स्वतः ही बन जाती है
मधुर रात से नमी चुराकर
और ठहर जाती है
उस किसी एक पत्ते पर
और बस ठहरी ही रहती है
अंतिम साँस तक ................