वेद मानव जीवन को परोपकार का मार्ग दिखाते हैं - आचार्य सुरेंद्र आर्य 

वेद मानव जीवन को परोपकार का मार्ग दिखाते हैं - आचार्य सुरेंद्र आर्य 

सोजत आर्य समाज मंदिर में वैदिक हवन एवं प्रवचन का आयोजन

वेद मानव जीवन को परोपकार का मार्ग दिखाते हैं - आचार्य सुरेंद्र आर्य 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। स्थानीय रामेलाव तालाब स्थित आर्य समाज मंदिर में श्रद्धा एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भिवानी (हरियाणा) मंढोली कलां के वैदिक आश्रम निचोड़ धाम से पधारे आचार्य सुरेंद्र आर्य के सानिध्य में संपन्न हुआ। हवन में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ अर्पित कर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं पर्यावरण की शुद्धता की कामना की।

इस अवसर पर आचार्य सुरेंद्र आर्य ने "वैदिक जीवन-दर्शन" विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान देते हुए कहा कि वेद मानव जीवन को सत्य, सदाचार, अनुशासन, सेवा तथा परोपकार का मार्ग दिखाते हैं। आर्य समाज की पूर्व प्रधान श्रीमती लीलावती आर्या ने कहा कि वैदिक सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को आदर्श, संतुलित एवं सुखमय बना सकता है। संस्था के कोषाध्यक्ष नवनीत राय 'रुचिर' ने समाज में नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा युवा पीढ़ी को वैदिक संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।

हवन में मुख्य यज्ञमान श्रीमती लीला देवी राजेंद्र कुमार सैन सहित आर्य परिवार से जुड़ीं श्रीमती चित्रा राय, अनीता राय, समाजसेवी रवींद्र गुप्ता, मास्टर सांवतराज सिंगाड़िया, मेंहदी व्यापारी विजय गुप्ता, युवा शिक्षक ऋतुराज सिंह चौहान, योग शिक्षिका श्रीमती वीणा भटनागर, जवरीलाल (गंगा), अभिषेक राय, सुश्री जिनल सैन, एंजल सैन आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। 

आरंभ में आचार्य सुरेंद्र आर्य (हरियाणवी) व मुख्य यज्ञमान श्रीमती लीला देवी राजेंद्र कुमार सैन का साफा, शॉल व माल्यार्पण द्वारा अभिनंदन किया गया । कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य जी के प्रेरक उद्बोधन की सराहना करते हुए नियमित रूप से यज्ञ, स्वाध्याय एवं वैदिक संस्कारों के पालन का संकल्प लिया। यज्ञ पूर्णाहुति के पश्चात सभी को प्रसाद वितरित किया गया।