हज यात्रा को किफायती और सुगम बनाने हेतु ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी ने केंद्र सरकार को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव.
हज यात्रा को किफायती और सुगम बनाने हेतु ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी ने केंद्र सरकार को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव.
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
नई दिल्ली । आम हाजियों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने और हज यात्रा को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी ने पहल की है | सोसायटी के चेयरमैन मुक़ीत खान ने केंद्र सरकार और हज कमेटी ऑफ इण्डिया के समक्ष कई व्यावहारिक और तकनीकी सुझाव पेश किये हैं, उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाए तो यह पवित्र हज यात्रा काफ़ी हद तक किफायती और आम ज़ायरीन की पहुँच में हो सकती है |
हज यात्रा के महँगे होने का एक बड़ा कारण हवाई किराया है, इस संबंध में चेयरमैन मुक़ीत खान ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु की और ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हालांकि वर्तमान में हाजियों के पास इम्बारकेशन पॉइंट (उड़ान केंद्र) चुने जाने का विकल्प मौजूद है, लेकिन छोटे केंद्रों से हवाई किराया बहुत अधिक होता है | सोसायटी का सुझाव है कि हज उड़ानो के लिए वैश्विक निविदाएं (ग्लोबल टेंडर्स) आमंत्रित कर 'ओपन स्काई पॉलिसी ' लागू की जाए, जिससे विमानन कम्पनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी | इसके साथ ही छोटे और क्षेत्रीय इम्बारकेशन पॉइंट्स से भी किराया कम और तर्कसंगत होना चाहिए ताकि हाजी बिना किसी अतिरिक्त बोझ के अपने नज़दीकी केंद्र से ही सुविधापूर्वक हज के लिए रवाना हो सके |
यात्रा लागत को कम करने के लिए करों में छूट को बेहद ज़रूरी बताते हुए चेयरमैन मुक़ीत खान ने मांग की है कि हज यात्रा के हवाई टिकिटों और सऊदी अरब में मिलने वाली सेवाओं पर लगने वाले वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस. टी.) को पूरी तरह से हटा दिया जाए या फिर न्यूनतम स्लैब में रखा जाए | इसके अलावा भारत और सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर लगने वाली यूज़र डेवलपमेंट फीस जैसे आतिरिक्त शुल्कों को कम करने के लिए सरकार को द्विपक्षीय स्तर पर कूटनीतिक बातचीत करनी चाहिए, ताकि इसका लाभ सीधे तौर पर आम ज़ायरीन को मिल सके |
मक्का और मदीना में हाजियों के ठहरने और परिवहन की व्यवस्था को लेकर भी सोसायटी ने समय पर क़दम उठाने की वकालत की है, मुकीत खान के अनुसार यदि अज़ीज़िया और सेन्ट्रल एरिया में होटलों व इमारतों की बुकिंग काफ़ी समय पहले और पारदर्शी तरीके से की जाए तो एन वक़्त पर मनमाने ढंग से बढ़ने वाले दामों से आसानी से बचा जा सकता है | इसके साथ ही सऊदी सरकार के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर सामूहिक परिवहन और मेट्रो सेवाओं के लिए रियायती दरों पर अग्रिम अनुबंध किये जाने चाहिए |
विदेशी मुद्रा (सऊदी रियाल) की विनिमय दरों पर चिंता व्यक्त करते हुए सोसायटी ने सुझाव दिया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक के माध्यम से एक ऐसी विशेष व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जहाँ हाजियों को बिना किसी मनी-एक्सचेंज कमीशन या बिचौलियों के सीधे और उचित दरों पर रियाल उपलब्ध हो सकें, इससे हाजियों के पैसों की बड़ी बचत होगी |
सोसायटी के चेयरमैन ने सरकार का ध्यान एक और महत्वपूर्ण विसंगति की ओर खींचते हुए कहा कि वर्ष 2026 में कम दिनों की यात्रा के लिए 'शार्ट हज' का नया पैकेज तो शुरू किया गया जो कि एक स्वागत योग्य क़दम है, लेकिन इसके लिए तय की गई दरें अत्यधिक हैं, कम दिनों की अवधि होने के बावजूद इसका खर्च सामान्य हज से भी ज़्यादा बैठ रहा है, जिससे आम हाजियों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिल पा रही है, मुकीत खान ने मांग की है कि शार्ट हज के इस पैकेज की समीक्षा की जाए और इसकी दरों को तार्किक रूप से कम किया जाए ताकि कम समय के लिए जाने वाले ज़ायरीन को इसका सही आर्थिक लाभ मिल सके |
अंत में सोसायटी ने ज़ोर देकर कहा कि निजी टूर ऑपरेटरों के मनमाने दामों पर लगाम कसने के लिए सरकार को एक 'उचित मूल्य कैप' निर्धारित करना चाहिए ताकि प्राइवेट कोटे से जाने वाले हाजियों का भी किसी तरह का आर्थिक शोषण न हो सके |