तीन दिवसीय “हास्य रंग” नाट्य समारोह का शुभारंभ, रोंग नम्बर नाटक का शुक्रवार को हुआ मंचन

तीन दिवसीय “हास्य रंग” नाट्य समारोह का शुभारंभ, रोंग नम्बर नाटक का शुक्रवार को हुआ मंचन
तीन दिवसीय “हास्य रंग” नाट्य समारोह का शुभारंभ, रोंग नम्बर नाटक का शुक्रवार को हुआ मंचन

 तीन दिवसीय “हास्य रंग” नाट्य समारोह का शुभारंभ

जोधपुर/जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के थिएटर सेल एवं कारवां थिएटर, चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “हास्य रंग” नाट्य समारोह का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो मदन सिंह राठौड, कुलगुरु महाराजा सुराजमल ब्रिज यूनिवर्सिटी भरतपुर  , विशिष्ट अतिथि प्रो वी एस जैतावत , कुलगुरु ऐग्रिकल्चर यूनिवर्सिटी  तथा अध्यक्षता कर रहे प्रो पवन कुमार शर्मा, कुलगुरु जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर  द्वारा किया गया।

थिएटर सेल निदेशक डॉ. हितेंद्र गोयल ने बताया कि समारोह के प्रथम दिवस प्रसिद्ध नाटककार पाली भूपिंदर सिंह द्वारा लिखित एवं युवा रंगनिर्देशक कारण गुलजार के निर्देशन में नाटक ‘रौंग नंबर’  का प्रभावशाली मंचन किया गया।

नाटक आधुनिक मानवीय रिश्तों, असुरक्षा और आत्म-विछोह की संवेदनशील मनोवैज्ञानिक पड़ताल प्रस्तुत करता है। इसकी कथा एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जो शारीरिक रूप से विकलांग हो जाने के बाद हीन भावना, शक, गुस्से और मानसिक अस्थिरता का शिकार हो जाता है। उसकी यह मानसिक स्थिति उसके वैवाहिक जीवन और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। नाटक यह दर्शाता है कि संवादों और रिश्तों की भीड़ में भी आधुनिक मनुष्य स्वयं से कटता जा रहा है| रौंग नंबर केवल एक फोन कॉल नहीं, बल्कि टूटते मानवीय संबंधों और आत्म-परिचय के संकट का प्रतीक बनकर सामने आता है।

नाटक के प्रभावशाली अभिनय, सशक्त निर्देशन और संवेदनशील प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। डॉ.हितेंद्र गोयल ने बताया कि 

 मंच पर प्रगति शर्मा , करण गुलज़ार , तान्या शर्मा , परविंदर सिंह मंज, कुलजिंदर सिंह , मीनाक्षी भट्ट ने प्रभावी अभिनय किया ।  मंच परे रंग दीपन नरेंद्र सिंह और मंच सज्जा रमन गिल ने सहयोग किया : सभागार पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। 

प्रो विकल गुप्ता , डॉ गोविंद सिंह , हरीश देवनानी , शब्बीर हुसैन, स्वाति व्यास , अनुराधा आडवाणी , मनोहर सिंह , उम्मेद भाटी सहित रंगकर्मियों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिनेताओं तथा अभिभावकों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ नाटक का आनंद लिया। कई अवसरों पर दर्शकों की तालियों से सभागार गूंज उठा।

समारोह के अंत में तीनों कुलपतियों द्वारा नाटक के निर्देशक करण गुलजार तथा कॉन्सेप्चुअलाइज़र नरेंद्र सिंह को “रंग सम्मान” प्रदान कर सम्मानित किया गया।आज शाम नाटक कम्बख़्त साठे का मंचन होगा ।