राधा कृष्ण प्रतिमाओ प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर निकली जलयात्रा

राधा कृष्ण प्रतिमाओ प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर निकली जलयात्रा
राधा कृष्ण प्रतिमाओ प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर निकली जलयात्रा

राधा कृष्ण प्रतिमाओ प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर निकली जलयात्रा 

 जोधपुर / चाँदपोल स्थित पुरोहित बेरा गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर  में आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धा और वैदिक विधानों के साथ  न्यास पूजन  व पीठो का पूजन हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन गणपति पूजन, मातृका पूजन, सर्व  पीठिका पूजन आचार्य पंडित रोहित दवे, पंडित सत्यनारायण दवे एवं पंडित वीरेंद्र दवे  द्वारा करवाया गया।

वेदपाठी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। पूजन में स्थानीय नागरिकों, गणमान्य जनों एवं बड़ी संख्या में

श्रद्धालुओं ने भाग लिया।  आज सांय शोभायात्रा निकाली गई ज़ो पुरोहितों बेरा, मालियो का बास, रामेश्वर मंदिर होते हुए  सूरज कुंड ब पहुंची। यहाँ पवित्र जल  कलशो में भर सिर पर रख महिलाओं ने जलयात्रा निकाली। इस मौके पर विशेष आरती से वातावरण भक्तिमय बना रहा।  गुरुवार 21मई को गुरुपुष्य के अवसर पर अभिर्जित मुहूर्त में पूजन व  पूर्णाहुति हवन  के बाद राधा कृष्ण की प्राण प्रतिष्ठा  के बाद प्रसादी होगी। कलश यात्रा के दौरान स्थानीय स्त्री पुरुष व भक्तगण मौजूद रहें।राधा कृष्ण प्रतिमाओ प्राण प्रतिष्ठा उत्सव पर निकली जलयात्रा 
 जोधपुर / चाँदपोल स्थित पुरोहित बेरा गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर  में आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धा और वैदिक विधानों के साथ  न्यास पूजन  व पीठो का पूजन हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन गणपति पूजन, मातृका पूजन, सर्व  पीठिका पूजन आचार्य पंडित रोहित दवे, पंडित सत्यनारायण दवे एवं पंडित वीरेंद्र दवे  द्वारा करवाया गया।
वेदपाठी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया। पूजन में स्थानीय नागरिकों, गणमान्य जनों एवं बड़ी संख्या में
श्रद्धालुओं ने भाग लिया।  आज सांय शोभायात्रा निकाली गई ज़ो पुरोहितों बेरा, मालियो का बास, रामेश्वर मंदिर होते हुए  सूरज कुंड ब पहुंची। यहाँ पवित्र जल  कलशो में भर सिर पर रख महिलाओं ने जलयात्रा निकाली। इस मौके पर विशेष आरती से वातावरण भक्तिमय बना रहा।  गुरुवार 21मई को गुरुपुष्य के अवसर पर अभिर्जित मुहूर्त में पूजन व  पूर्णाहुति हवन  के बाद राधा कृष्ण की प्राण प्रतिष्ठा  के बाद प्रसादी होगी। कलश यात्रा के दौरान स्थानीय स्त्री पुरुष व भक्तगण मौजूद रहें।