बुकिंग राशि लोटाने के आदेश*
होटल प्रताप निवास पैलेस बनाम प्रमोद विजयवर्गीय
*शादी समारोह के लिए बुक होटल की बुकिंग राशि लोटाने के आदेश*
जोधपुर 6 फरवरी /राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर बेंच ने वैवाहिक समारोह के लिए आरक्षित होटल बुकिंग निरस्त करने पर जमा राशि वापस नहीं लौटने को अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए ₹5 लाख मय ब्याज लौटने के आदेश दिए हैं l
आयोग के समक्ष होटल प्रताप निवास पैलेस जोधपुर ने जिला आयोग जोधपुर द्वितीय के निर्णय के विरुद्ध अपील प्रस्तुत करते हुए बताया कि परिवादी प्रमोद विजयवर्गीय बड़ोदरा ने अप्रैल 2022 में अपने पुत्र के वैवाहिक समारोह के लिए 38 रूम रु 15 .45 लाख रुपए में नवंबर 2022 के लिए बुक करवाए थे तथा अग्रिम राशि के रूप में 5 लाख रुपए दिए थे l परिवादी का पुत्र शिकागो में रहता है तथा तकनीकी कारणों से उसे वीजा प्राप्त नहीं हुआ, जिस पर परिवादी ने निर्धारित तिथि से 5 माह पूर्व ही बुकिंग रद्द कर दी तथा जमा राशि वापस मांगी जो नहीं देने पर परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया जिसे स्वीकार कर जमा राशि लौटाने का आदेश पारित किया गया l
विपक्षी होटल प्रताप ने जिला आयोग के निर्णय के विरुद्ध राज्य आयोग में अपील प्रस्तुत कर जिला आयोग के निर्णय को खारिज करने का निवेदन किया l होटल प्रबंधन ने आयोग के समक्ष बताया कि उपभोक्ता व उसके मध्य एग्रीमेंट हस्ताक्षरित हुआ है उसके अनुसार बुकिंग रद्द करने पर एडवांस राशि नॉन रिफंडेबल है तथा बुकिंग रद्द होने के कारण अन्य बुकिंग भी विपक्षी नहीं ले पाया l विपक्षी ने महिंद्रा से ₹38 रूम 1 साल के लिए बुक करवाए हैं l होटल के एग्रीमेंट के अनुसार राशि सही जब्त की है जिला आयोग के निर्णय को निरस्त करने का निवेदन किया l
आयोग के सदस्य न्यायिक सुरेंद्र कुमार अग्रवाल एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा कि परिवादी ने होटल बुकिंग कैंसिलेशन पर्याप्त समय पूर्व लगभग 5 माह पहले निरस्त करने का निवेदन कर दिया था l आयोग ने बुकिंग शर्तों के अनुसार यह अंकित पाया कि कट ऑफ डेट के पश्चात जमा राशि जप्त की जाएगीl परिवादी ने अप्रैल माह में बुकिंग करवाई की तथा होटल जुलाई माह में निरस्त करवा दिया था l होटल की बुकिंग रद्द करने के संबंध मे कट ऑफ डेट 60 दिन पूर्व अंकित है जबकि परिवादी ने पांच माह पूर्व बुकिंग रद्द करवा दी थी l अपीलार्थी का यह तर्क स्वत: ही खंडित है l आयोग ने होटल की अपील निरस्त करते हुए जिला आयोग के निर्णय को उचित मानते हुए परिवादी को ₹5 लाख मय ब्याज लौटने के आदेश दिए l