हास्य कवि व आदर्श शिक्षक केशरदेव मारवाड़ी का सड़क दुर्घटना में निधन
मारवाड़ी के जाने से साहित्य जगत को भारी झटका
हास्य कवि व आदर्श शिक्षक केशरदेव मारवाड़ी का सड़क दुर्घटना में निधन
रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार पवन पहाड़िया डेह, नागौर
डेह। सड़क दुर्घटनाएं आज समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। कई बार व्यक्ति पूरी सावधानी के साथ वाहन चलाता है, फिर भी अन्य वाहन चालकों की असावधानी, यातायात नियमों की अनदेखी, तेज गति तथा अचानक हुई परिस्थितियों के कारण दुर्घटनाएं घटित हो जाती हैं।
इसी प्रकार की एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि एवं आदर्श शिक्षक *केशरदेव मारवाड़ी* का असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही साहित्य, हास्य और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर फैल गई।
लाडनूँ निवासी केशरदेव मारवाड़ी ने अपने अनूठे मंचीय अंदाज, मारवाड़ी भाषा-सेवा और शालीन हास्य के माध्यम से नागौर जिले का नाम देश-विदेश तक पहुंचाया। वे मंच पर केवल लोगों को हंसाते ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से इस तरह प्रस्तुत करते थे कि श्रोता हंसते-हंसते सोचने पर भी मजबूर हो जाते थे।
उनके असामयिक निधन से साहित्य जगत में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी पूर्ति करना अत्यंत कठिन माना जा रहा है। उनके जाने की खबर पर साहित्यकारों, कवियों एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।
इस अवसर पर साहित्यकार *लक्ष्मणदान कविया*, *पवन पहाड़िया*, *डॉ. गजादान चारण*, *प्रहलादसिंह झोरड़ा*, *सत्यपाल सान्दू*, *सुखदेवसिंह गाडण*, *कुलदीप पारीक*, *गिरीराज व्यास* सहित अनेक साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
केशरदेव मारवाड़ी का जीवन साहित्य, शिक्षा और लोकभाषा के लिए समर्पित रहा। वे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कविताएं, व्यंग्य-उक्तियां और मंचीय प्रस्तुतियां लंबे समय तक लोगों के स्मृति-पटल पर जीवित रहेंगी।