गीतो भरी शाम का आयोजन, संगीतप्रेमियों ने बांधा समां

गीतो भरी शाम का आयोजन, संगीतप्रेमियों ने बांधा समां

गीतो भरी शाम का आयोजन, संगीतप्रेमियों ने बांधा समां 

@thebhaswartimes
सोजत. स्थानीय वाटर वर्क्स रोड़ पर गीतो भरी शाम का आयोजन किया गया जिसमें मुकेश किशोर कुमार, महेन्द्र कपुर एवं लता मंगेशकर तथा अन्य महान गायकों को गीतों के माध्यम से श्रद्धा पूर्वक याद किया गया।
सेवानिवृत प्रधानाचार्य मेहंद्र मेहता ने मुकेश के गीत 'मुबारक हो तुमको शमां ये ये सुहाना मैं खुश हूँ मेरे आसुओं पे न जाना व चांद सी मेहबूबा हो मेरी मैंने सोचा था सुनाकर शमा बांधा । कब ऐसा मैने सोचा था हो तुम बिल्कुल वैसी हो जैसा मैंने सोचा था सुनाकर समा बांधा।
 पेंटर दलपत ने लता मंगेशकर का गीत अंगडाईया भो रहा है सांप्ती की..., गीतकार एवं संवाद लेखक ने लता मंगेशकर का गीत तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है प्यारी प्यारी है जो मां जो मो व किशोर कुमार का जीत जिंदगी एक सफर है सुहाना यहाँ कल क्या हो किसने जाना सुनाया।
उन्होंने धर्मेन्द्र एवं अमिताभ बच्चन की फिल्म शोले के डायलॉग भी सुनाए।
विनित राय भटनागर ने मुकेश के गीत ओ रे ताल मिले नदी नदी के जल में नहीं मिले सागर में व एक प्यार का तत्रमा है मोजो की खानी है सुनाया।
 वहीं अशोक गहलोत ने रुप कुमार राठौड़ व लता मंगेशकर का वीर जारा फिल्म का गीत सुनाया। कार्यक्रम का रोचक संचालन प्रश्नोत्तरी में उपस्थित करते हुए चेतन व्यास ने फिल्मों पर आधारित कई रोचक प्रश्न भी पूछे। संगीतप्रेमियों ने सामू‌हिक रुप से ये हे नील मौसम गगन हंसी के..., सरती तले धरती का प्यार पले..., सुहाना सफर ये मौसम हंसी सुनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ नागरिक महेश गहलोत एवं अध्यक्षता कर रहे महेन्द्र मेहता ने आईएफडब्लूजे उपखण्ड अध्यक्ष कैलाश गहलोत का बहुमान किया। इस मौके मदन गहलोत, महावीर गहलोत, हरीश गहलोत सहित कई श्रोता उपस्थित थे।