राठौड़ की छठी पुण्यतिथि पर मारवाड़ राजपूत सभा में श्रद्धांजली कार्यकम आयोजित हुआ*

राठौड़ की छठी पुण्यतिथि पर मारवाड़ राजपूत सभा में श्रद्धांजली कार्यकम आयोजित हुआ*

*जेएनवीयू के पूर्व कुलपति प्रो. एल.एस. राठौड़ की छठी पुण्यतिथि पर मारवाड़ राजपूत सभा में श्रद्धांजली कार्यकम आयोजित हुआ*

*प्रो. एल.एस. राठौड़ के व्यक्तित्व व कृतित्व पर पुस्तक का होगा प्रकाशन*

*प्रो. डॉ. एल.एस. राठौड़ द्वारा महाराजा हनवंतसिंह जी पर लिखित अंग्रेजी संस्करण पुस्तक का हिन्दी में होगा प्रकाशन*

   जोधपुर 4 जून । राजनीतिक शास्त्र के अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान व जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) लक्ष्मणसिंह राठौड की छठी पुण्यतिथि पर गुरूवार को मारवाड राजपूत सभा भवन के सभागार में श्रद्वांजली सभा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई ।कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएनवीयू के पूर्व कुलपति प्रो. गुलाबसिंह चौहान नें की।

    जेएनवीयू के पूर्व कुलपति प्रो. गुलाबसिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रो. एल. एस. राठौड़ राजनीतिक शास्त्र के अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान होनें के साथ-साथ साहित्यकार व इतिहासकार भी थे। उन्होंने अनेक ग्रन्थों एवं अंग्रेजी काव्यों का लेखन एवं प्रकाशन किया। उनका 1960 से जोधपुर विश्वविद्यालय से जुड़ाव रहा व अनेक पदों पर एवं जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में 1999 से तीन वर्ष के लिए कुलपति के रूप में बेहतरीन कार्यकाल पूर्ण किया। उन्होंने कहा कि मैं जो कुछ भी हूँ, प्रो. एल.एस. राठौड़ के आर्शीर्वाद से हूँ।

  जेएनवीयू के राजस्थानी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन रहे प्रो. कल्याणसिह शेखावत नें इस अवसर पर कहा कि प्रो. एस.एस. राठौड़ का व्यक्तित्व एवं कृतित्व विशाल था। उन्होंनें कहा कि प्रो. लक्ष्मणसिह राठौड़ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को लेकर एक जीवनी का प्रकाशन किया जाना चाहिए, इसके लिए प्रो. एल.एस. राठौड़ फाउण्डेशन की स्थापना की जाये जो प्रतिवर्ष उनके सम्बंध में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि प्रो. एल.एस. राठौड़ द्वारा महाराजा हनवंतसिंह जी पर लिखित अंगेजी संस्करण की पुस्तक का अनुवाद हिन्दी में किया जायेगा, जिससे महाराजा हनवंतसिंह जी के जीवन के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी आमजन तक पहुँच सके। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जो भी प्रो. एल.एस. राठौड़ पर पुस्तक का प्रकाशन करेगा इसके लिए उनके द्वारा 21000 की सहयोग राशि प्रदान की जायेगी। पूर्व सांसद डॉ. नारायणसिंह माणकलाव में अपनें सम्बोधन में प्रो. एल.एस. राठौड़ को श्रद्धांजली व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. एल.एस. राठौड अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान थे।  राजनीतिक शास्त्र के विद्वान होनें के साथ साथ राजस्थानी काव्य पर भी पूरी पकड़ एवं रूची रखते थे ।

   मारवाङ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा नें इस अवसर पर कहा कि प्रो. एल.एस. राठौड द्वारा महाराजा हनवंतसिंह जी पर एक महत्वपूर्ण पुस्तक का लेखन अंग्रेजी में किया गया था। वह पुस्तक अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे इसके लिए मारवाड़ राजपूत सभा द्वारा हिन्दी में प्रकाशन करवाया जायेगा। उन्होंनें कहा कि प्रो. एल.एस. राठौड़ के सम्बंध में जो भी कार्य होगा उसमें मारवाड राजपूत सभा द्वारा सहयोग किया जायेगा।

  इस अवसर पर प्रो लोकेन्द्रसिंह शक्तावत नें प्रो. एल.एस. राठौड के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला एवं कहा कि ऐसा आयोजन हर वर्ष होना चाहिए। श्रद्धांजली सभा को सम्बोधित करते हुए प्रो. प्रतापसिंह भाटी ने प्रो. एल.एस. राठौड के जीवन पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धांजली अर्पित की। कार्यकम का संचालन मारवाड राजपूत सभा के महासचिव के वी सिंह चाँदरख नें किया।

*इनकी रही कार्यक्रम में गरीमामयी उपस्थिति*

 श्रद्धांजली कार्यक्रम में कल्याणसिंह राठौड, प्रो. जगमालसिंह शेखावत, बिशनसिंह सोढ़ा, नरेन्द्रसिंह शेखावत, शिवमंगलसिंह राठौड़, राजेन्द्रसिंह लीलियाँ, जबरसिंह सोढ़ा, बिजेन्द्रसिंह जोधा रसीदपुरा, रणजीतसिंह ज्याणी, जालमसिंह, राजेन्द्रसिंह नरूका, नरपतसिंह राठौड़, मनोहरसिंह खीची, महिपालसिंह जोधा, भुपेन्द्रसिंह राठौड़, दिग्विजयसिंह शेखावत, नरेन्द्रसिंह भाटी, पुण्यवर्धनसिंह पीलवा, नन्दसिह भाटी, उदयमानसिंह राठौड़, सविता कुमारी, प्रतिमा कुमारी, पूजा कुमारी, उमा कुमारी, संग्रामसिंह चम्पावत, देवीसिंह, भैरूसिंह, नवलसिंह दहिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे