पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला

पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला

जोधपुर। 26 मई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश व प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी की बढ़ती कीमतों और ईंधन संकट को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार वास्तविकता बताने के बजाय केवल “तमाशा” कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मंत्री प्रतीकात्मक रूप से रिक्शा, पैदल और इलेक्ट्रिक वाहनों में घूमकर दिखावा कर रहे हैं, जबकि आम जनता पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की किल्लत से परेशान है। गहलोत ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में मजबूरी में कीमतें बढ़ा रही है तो उसे खुलकर जनता के सामने स्थिति रखनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में भय और असमंजस का माहौल है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई स्थानों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटा, जयपुर, जोधपुर और भरतपुर जैसे शहरों से आने वाले वाहन चालकों को रास्ते में कई बार रुककर ईंधन भरवाना पड़ रहा है।

गहलोत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार वास्तविक स्थिति स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव से एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतें आ रही हैं और लोगों को 10 से 15 दिन तक गैस नहीं मिल रही है। लोहावट और ओसियां सहित कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और पेट्रोल पंप संचालक भी जनता के आक्रोश का सामना कर रहे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही। गहलोत ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता से जानकारी देती तो जनता और वितरकों दोनों को राहत मिलती।पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर गहलोत का केंद्र सरकार पर हमला
जोधपुर। 26 मई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश व प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी की बढ़ती कीमतों और ईंधन संकट को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार वास्तविकता बताने के बजाय केवल “तमाशा” कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मंत्री प्रतीकात्मक रूप से रिक्शा, पैदल और इलेक्ट्रिक वाहनों में घूमकर दिखावा कर रहे हैं, जबकि आम जनता पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की किल्लत से परेशान है। गहलोत ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में मजबूरी में कीमतें बढ़ा रही है तो उसे खुलकर जनता के सामने स्थिति रखनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लोगों में भय और असमंजस का माहौल है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई स्थानों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटा, जयपुर, जोधपुर और भरतपुर जैसे शहरों से आने वाले वाहन चालकों को रास्ते में कई बार रुककर ईंधन भरवाना पड़ रहा है।
गहलोत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार वास्तविक स्थिति स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव से एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतें आ रही हैं और लोगों को 10 से 15 दिन तक गैस नहीं मिल रही है। लोहावट और ओसियां सहित कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और पेट्रोल पंप संचालक भी जनता के आक्रोश का सामना कर रहे हैं, क्योंकि केंद्र सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही। गहलोत ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता से जानकारी देती तो जनता और वितरकों दोनों को राहत मिलती।