राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में- शर्मा
राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में आखिर प्रसूताओं की मौतों का जिम्मेदार कौन- शर्मा
जोधपुर / राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में लगातार प्रसूताओं की मौतों और संक्रमण की घटनाएँ अत्यंत दुखद एवं चिंताजनक हैं। कोटा, बीकानेर,जोधपुर, बांसवाड़ा और अब भीलवाड़ा जैसे जिलों से सामने आई घटनाओं ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाचारों के अनुसार भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में कुछ ही दिनों के भीतर कई प्रसूताओं की मृत्यु हुई है तथा ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका भी जताई गई है।
ओबीसी विभाग, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के नरेंद्र शर्मा ने कहाँ कि , राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री से पूछा कि यदि सरकारी अस्पतालों में माताएँ सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश की जनता किस पर भरोसा करे।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों की गुणवत्ता, स्टरलाइजेशन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी में गंभीर कमियाँ हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो शायद कई परिवार उजड़ने से बच सकते थे।
स्वास्थ्य मंत्री को केवल जांच समितियाँ गठित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? सरकार की जवाबदेही कब तय होगी। उन्होंने कहाँ कि सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
सभी सरकारी अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का तत्काल ऑडिट कराया जाए।
डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों और आवश्यक उपकरणों की कमी को तुरंत दूर किया जाए।
मृतक प्रसूताओं के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता एवं न्याय दिया जाए।
मातृत्व किसी भी परिवार के लिए सबसे सुखद क्षण होता है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में यह खुशी मातम में बदल रही है। यह किसी भी संवेदनशील सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। सरकार को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने और दोषियों को जवाबदेह बनाने की दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।