शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ*

शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ*

*जिला कलेक्टर के अभिनव प्रयोग मिशन मानस के तहत शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ*
*नेत्र परीक्षण व सीपीआर का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण*

पाली, 10 जुलाई। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी के निर्देशन में संचालित अभिनव पहल मिशन मानस के तहत जिले के शिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को पाली के नया गांव स्थित एम.एस. कावड़ इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में हुआ। प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पाली सेवा मंडल के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें जिले के नौ ब्लॉकों के प्रत्येक विद्यालय से कुल 1,446 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में पाली, सोजत एवं रोहट ब्लॉक के 463 तथा द्वितीय सत्र में देसूरी, रानी एवं मारवाड़ जंक्शन ब्लॉक के 486 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों का पंजीयन उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) बलवीर सिंह राणावत, मदनलाल राखेचा एवं उनकी टीम द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पाली उपखंड अधिकारी विमलेंद्र राणावत, पाली सेवा मंडल के अध्यक्ष मदनमोहन राठी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) देवाराम प्रजापत, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) राहुल कुमार राजपुरोहित, एम.एस. कावड़ इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंध निदेशक सोहनलाल कावड़ एवं गौतमचंद कावड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत भी किया गया।

अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार जांगिड़ ने बताया कि सहायक परियोजना समन्वयक प्रवीण कुमार चारण ने प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी। इसके बाद पाली सेवा मंडल की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें मिशन मानस के उद्देश्यों तथा प्रशिक्षण उपरांत शिक्षकों की भूमिका से अवगत कराया गया।

उपखंड अधिकारी विमलेंद्र राणावत ने जिला कलक्टर की अभिनव पहलोंकृश्आओ गांव चलेंश्, श्पाली पढ़ेगा, सपने बुनेगाश्, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षणकृमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सभी से सेवा भाव के साथ जनजागरूकता अभियान का सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पाली सेवा मंडल बहुउद्देशीय अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. सागर ढिल्लों एवं उनकी टीम ने नेत्र परीक्षण एवं दृष्टि दोष की प्रारंभिक पहचान का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। शिक्षकों को विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों की प्रारंभिक नेत्र जांच की प्रक्रिया समझाई गई तथा आवश्यकता होने पर अस्पताल से समन्वय स्थापित कर उपचार सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।

इसके बाद चिकित्सा विभाग के डॉ. बादल सिंह ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण देते हुए हृदय गति रुकने की स्थिति में चिकित्सकीय सहायता मिलने से पूर्व किए जाने वाले प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन किया।

पाली सेवा मंडल की ओर से प्रत्येक प्रतिभागी शिक्षक को प्रारंभिक नेत्र परीक्षण हेतु आवश्यक संसाधनों की किट भी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में पाली सेवा मंडल के सचिव विजयराज बंब, प्रमोद जेथलिया, महेंद्र जैन, शिक्षा विभाग के सोहनलाल भाटी, पूर्व सहायक निदेशक चंद्रेशपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रामदयाल जांगिड़, गणपत पन्नू एवं श्रद्धा पांचाल ने किया।