ग़ज़ल : अपनी रात अँधेरी मत कर

Don t darken your night

ग़ज़ल : अपनी रात अँधेरी मत कर

ग़ज़ल : अपनी रात अँधेरी मत कर

नेक काम में देरी मत कर, 

बेमतलब की फेरी मत कर। 

जीवन सीधा-सादा रख ले, 

उसमें तेरी-मेरी मत कर। 

सबकी होती अपनी किस्मत, 

धन पे तू शमशेरी मत कर। 

ऐसा कर तू रहे उजाला, 

अपनी रात अँधेरी मत कर। 

कर्ज लिया तो चुकता कर दे, 

इसमें हेरा-फेरी मत कर। 

गलत काम का गलत नतीजा, 

बात समझ ले देरी मत कर। 

गम आये तो आगे कर दे, 

गम की 'सूना' ढेरी मत कर। 

           -प्रकाश 'सूना'

14-ए, ब्लॉक सी-4 ए, जनकपुरी, नयी दिल्ली -110058