दवा विक्रय हेतु कॉमर्शियल प्रोपर्टी की अनिवार्यता समाप्त केमिस्ट हितों में सरकार का बड़ा एवं राहत भरा निर्णय
दवा विक्रय हेतु कॉमर्शियल प्रोपर्टी की अनिवार्यता समाप्त केमिस्ट हितों में सरकार का बड़ा एवं राहत भरा निर्णय
राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजस्थान केमिस्ट एलायंस के सतत एवं संगठित प्रयासों के परिणामस्वरूप मेडिकल स्टोर के नए ड्रग लाइसेंस तथा पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण हेतु केवल कॉमर्शियल परिसर की अनिवार्यता को वापस ले लिया। यह निर्णय केमिस्टों के हित, जन स्वास्थ्य तथा दवा व्यापार को आवश्यक सेवा मानते हुए लिया गया है। इस निर्णय से दवा व्यापारियों में खुशी की लहर छा गई।
आरसीए के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गुप्ता एवं प्रदेश सचिव धनपत सेठिया के नेतृत्व में राजस्थानप्रतिनिधिमंडल जिसमें प्रदेश के समस्त जिलों के अध्यक्ष एवं सचिव सम्मिलित थे, स्वास्थ्य भवन जयपुर में केमिस्टों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर ड्रग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक एवं सकारात्मक संवाद किया गया।
इस बैठक में आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक एवं अतिरिक्त औषधि नियंत्रक मनोज धीर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने केमिस्टों की व्यावहारिक कठिनाइयों को गंभीरता से सुना तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए दवा विक्रय हेतु कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की अनिवार्यता समाप्त कर निर्देश जारी किये कि नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का क्रय-विक्रय पूर्णतः नियमानुसारकिया जाए, एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग केवल वैध एवं आवश्यक प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही किया जाए। साथ ही नेशनल ड्रग लाइसेंसिंग सिस्टम की जानकारी साझा की गई जिसे भविष्य में "वन नेशन-वन पोर्टल" के रूप में लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर जोधपुर केमिस्ट एलायंस के अध्यक्ष अरुण धारीवाल कोषाध्यक्ष मुकेश खत्री एवं सुकर्म पाल भी उपस्थित रहे।
राजस्थान केमिस्ट एलायंस ने इस जनहितैषी निर्णय के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य मंत्री एवं ड्रग विभाग के समस्त वरिष्ठ अधिकारियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।