Innovated for farmers through drip irrigation system through research by scientists
वैज्ञानिको के रिसर्च द्वारा बूंद बूंद सिंचाई पद्धति से किसानों के लिए किया नवाचार
पाली केंद्रीय शुष्क क्षेत्रीय अनुसंधान संस्था (काजरी)पाली ने एक बड़ा नवाचार किया है।राजस्थान प्रदेश के पाली जिले के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र काजरी पाली मे वैज्ञानिको ने रिसर्च के लिए बाली से ड्रैगन फ्रूट का डंटल (पौध) लाकर प्रयोग किया गया जिसमे पाया गया कि यह पौधा ज्यादा तापमान नही सहन कर सकता है इसके लिए एक निर्धारित जगह केंद्रित कि ओर एक समान दुरी के हिसाब से पौधा का रोपण किया ओर इसके आस-पास के क्षेत्र मे हरी -घास लगाई गई ताकि तापमान अनुकूल रहे ओर बूंद-बूंद सिचाई ( ड्रिंपिंग) के माध्यम से पानी दिया जा रहा है ताकि नमक का पानी कम मात्रा मे मिले इससे जमीन को भी खराब होने से बचाया जा सकता है।अगर किसान इस खेती पर जोर दिया जाये तो किसानों की आय बढ़ सकती है। इस बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति से की गई इस रिसर्च ने किसानों के लिए नई उम्मीदें जगाई है अगर ड्रैगन फ्रूट जैसी हाई वैल्यू क्रॉप उगाई जा सकती है, तो आने वाले समय में यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बन सकती है।
-:-वैज्ञानिको द्वारा रिसर्च-:-
डॉ.अनिल कुमार शुक्ल अध्यक्ष काजरी क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र पाली ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसन्धान केंद्र मे मिट्टी कि परख के लिए अलग-अलग प्रकार से पौधे लगाए गए कुछ नष्ठ हुए उनमे से ड्रैगन फ्रूट पौधे को लगाया तो परिणाम अच्छा निकला इस प्लांट को 2022मे सुरु की ओर 2024 मे फल आने सुरु हो गए इस पौधे को ज्यादा धुप ओर ज्यादा तापमान से बचाना जरूरी है इसके लिए सीमेंट का स्टेक्चर तैयार किया गया। आस -पास हरी -घास ओर ड्रिंपिंग कर खारे पानी मे भी अच्छे फल किसान ले सकते है।इस रिसर्च मे "ड्रेगन फ़्रूट" पौधे से फल आये थे जिसका वजन 400ग्राम से अधिक वजन आया है ओर एक पौधे पर10से ज्यादा फल आते है। जिसके पास जमीन नहीं है वे गमले मे भी लगा सकते है। इसके डंटल से भी पौधा रोपण कर सकते है। किसान अगर इसकी खेती करना आरम्भ कर दे तो अच्छी पैदावार कर अच्छा मुनाफा ले सकते है।
कमला चौधरी- "मर्दा वैज्ञानिक काजरी क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र पाली" ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती करने के लिए आपको मैनेजमेंट सीखना होगा मैनेजमेंट करने के लिए पानी ड्रिप के माध्यम से देना जरूरी है इसका मुख्य कारण यह है कि यहां का खारा पानी है इस खारे पानी को कम करने के लिए ड्रिपिंग का सिस्टम किया जाना जरुरी है ताकी कि नमक का पानी जमीन में कम मात्रा में जाए जिससे जमीन खराब होने से बचा जा सकता है।