पाली व्यापारी एकता संघ ने जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन बाजार रखा

पाली व्यापारी एकता संघ ने जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन बाजार रखा

पाली व्यापारी एकता संघ ने जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन बाजार रखा बंद

पाली/अवैध मेलों पर सख्त अंकुश लगाने की मांग लेकर शहर के व्यापारियों आज कलेक्ट्रेट पहुँचे. उन्होंने ज्ञापन में बताया कि शहर में अवैध मेले लगने से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है इनमेलों पर तुरंत रोक लगाई जाएं.शहर के व्यापारी वर्ग की आवाज अब और दबाई नहीं जा सकती समस्त पाली व्यापारी एकता संघ ने जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ाते हुए रामलीला मैदान अणुव्रत नगर और मंथन टॉकीज जैसे इलाकों में बिना लाइसेंस के चल रहे हैं मेलों की जाँच हो दुकानदारों ने बताया कि स्थानीय दुकानदारों को लाखों का घाटा वहन करना पड़ रहा हें. इस प्रकार के मेलों से व अनियमित गतिविधियां न सिर्फ सरकार को राजस्व से वंचित कर रही हैं बल्कि शहर की आर्थिक रीढ़ को तोड़ रही हैं। पाली में करीब हजारों स्थायी दुकानें जो नियमित रूप से किराया बिजली बिल स्टाफ सैलरी और जीएसटी जैसे सभी करों का भुगतान कर रही हैं। ये व्यापारी दिन-रात मेहनत कर शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं लेकिन बाहर से आने वाले सस्ते और घटिया सामान वाले मेले उनकी कमर तोड़ रहे हैं। बिना बिल के बिकने वाला ये माल ग्राहकों को भ्रमित करता है और स्थानीय बाजार को चौपट कर देता है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि मंदी के इस दौर में कई दुकानदार बैंक लोन बच्चों की फीस औरकिराया चुकाने में असमर्थ हो गए हैं जिससे दुकानें बंद होने की नौबत आ गई है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इन मेलों में घटिया क्वालिटी का सामान बेचा जा रहा है जो ग्राहकों के स्वास्थ्य को खतरे में डालता है। बिना लाइसेंस के खाद्य पदार्थों की बिक्री से बीमारियां फैलने का खतरा है जबकि झूलों और अन्य सवारीयों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है। ये सब न सिर्फ स्थानीय व्यापार को प्रभावित कर रहा है बल्कि शहर के विकास को भी ठप कर रहा है।

सभी मेलों की गहन जांच हो वाणिज्य कर विभाग कर अनुपालन सुनिश्चित करे और भविष्य में बिना नियमों के पालन के किसी भी मेले को अनुमति न दी जाए। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों को राहत मिलेगी बल्कि सरकार को करोड़ों का राजस्व भी प्राप्त होगा। व्यापारी वर्ग की ये मांगें जायज हैं और इन्हें पूरा करना शहर की समृद्धि के लिए जरूरी है। प्रशासन अब चुप न बैठे व्यापारियों की पुकार सुने और न्याय करे.