डिजिटल होगी जनगणना, स्व-गणना चरण 01 मई
*जनगणना-2027: डिजिटल होगी जनगणना, स्व-गणना चरण 01 मई से*
*आप खुद पोर्टल पर दर्ज करें परिवार का डेटा*
पाली एक मई/ जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने उपखण्ड जनगणना अधिकारियों उपखण्ड अधिकारियों तथा ग्रामीण एवं शहरी चार्ज अधिकारियों को जनगणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कुशलतापूर्वक एवं सक्रिय सहभागिता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह ने आमजन से स्व-गणना में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की। उन्होंने बताया कि स्व-गणना के लिए अधिकृत पोर्टल http://se.census.gov.in 1 मई से 15 मई 2026 तक खुला रहेगा। इस अवधि में परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य अपने मोबाइल या डेस्कटॉप के माध्यम से परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के बाद भी प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने आमजन को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि पोर्टल पर लॉगिन के लिए प्राप्त ओटीपी किसी के साथ साझा न करें यहां तक कि प्रगणक के साथ भी नहीं। जनगणना विभाग द्वारा किसी भी माध्यम से ओटीपी नहीं मांगा जाएगा। पोर्टल पर डेटा भरने के बाद प्री-व्यू की सुविधा उपलब्ध रहेगी जिससे अंतिम सबमिट से पहले संशोधन किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार जनगणना निदेशालय, जयपुर ने अधिकारियों को मोबाइल एप HLO एवं जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले 33 प्रमुख प्रश्नों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इन प्रश्नों में मकान की स्थिति परिवार की संरचना उपलब्ध सुविधाएं एवं संसाधनों से संबंधित जानकारी शामिल है।
उप जिला जनगणना अधिकारी राजेन्द्र कुमार टांक ने बताया कि जिले को कुल 18 चार्ज एरिया में विभाजित किया गया है जिनमें 8 ग्रामीण एवं 10 शहरी क्षेत्र शामिल हैं। सभी क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कार्य CMMS पोर्टल के माध्यम से संपादित किया जाएगा। जिले में प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स द्वारा 12 मई 2026 तक विभिन्न चरणों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि घर पर आने वाले प्रगणक का अधिकृत परिचय पत्र अवश्य देखें जिसमें क्यूआर कोड अंकित होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर प्रगणक की पहचान की पुष्टि की जा सकती हैं.
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