दुर्घटना मृत्यु होने पर एक्सिस बैंक 2 लाख रु अदा करने के लिए जिम्मेदार*
*दुर्घटना मृत्यु होने पर एक्सिस बैंक 2 लाख रु अदा करने के लिए जिम्मेदार*
जोधपुर 2 अप्रैल /एटीएम कार्ड में प्रदत बीमा सुविधा के आधार पर कार्ड धारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक्सिस बैंक नॉमिनी को ₹ 2 लाख देने के लिए राज्य उपभोक्ता आयोग ने जिम्मेदार मानते हुए जिला आयोग जोधपुर के परिवाद अस्वीकार करने के तर्कों को गलत माना है l
अपीलार्थी भूपेंद्र सिंह.ने आयोग के सदस्य न्यायिक सुरेन्द्र सिंह सदस्य लियाकत अली के समक्ष जिला आयोग जोधपुर प्रथम द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए बताया की अपीलार्थी के भाई ने एक बचत खाता एक्सिस बैंक में खुलवाया था तथा वह नॉमिनी था l बैंक ने एटीएम कार्ड भी जारी किया था जिसमें दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹2,00,000 का बीमा कवर था l उसका भाई छत पर लगी डिश चेक करने गया तथा अचानक पैर फिसलने से नीचे गिर गया l अस्पताल ले जाते ले जाते समय उसकी रास्ते में मृत्यु हो गई l अपीलार्थी ने वीसा प्लेटिनियम कार्ड में प्रदत्त दुर्घटना बीमा की सुविधा के आधार पर बैंक में दावा प्रस्तुत किया l बैंक ने दावा 90 दिन पश्चात प्रस्तुत करने के आधार पर अस्वीकार कर दिया l अपीलार्थी ने जिला आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया जो अस्वीकार कर दिया गया l
अपीलार्थी ने राज्य आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत की l आयोग के सदस्य न्यायिक सुरेंद्र सिंह एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा कि कार्डधारक की मृत्यु 16 जनवरी 18 को हो गई थी l क्लेम आवेदन पत्र मार्च 2018 को जमा करवा दिया गया l एफ एस एल रिपोर्ट देरी से आने एवं अंतिम परिणाम 10 दिसंबर 2018 को प्राप्त हुआ l अन्य दस्तावेज को अपीलार्थी को प्राप्त होते ही बैंक में जमा करवा दिए l
बैंक ने बीमा कंपनी को दस्तावेज मार्च 18 में प्राप्त होने के बावजूद प्रेषित नहीं किए अपीलार्थी ने अंतिम परिणाम एवं एफ एस एल रिपोर्ट दिसंबर 18 में प्राप्त होते ही जमा करवा दिए l इस आधार पर दावा 90 दिन में प्रस्तुत नहीं करने का आधार लिया गया है वह आधारहीन है l बैंक ने प्राप्त दस्तावेज 90 दिन में बीमा कंपनी को नहीं भेजें इससे स्वयं बैंक का ही दोष है l बीमा कंपनी की सेवा में त्रुटि नजर नहीं आती है l आयोग ने अपील स्वीकार कर अपीलार्थी को परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि मई 2019 से 9% ब्याज सहित ₹2 लाख अदा करने एवं अपील खर्च ₹10,000 देने के आदेश दिए l जिला आयोग ने बीमा कंपनी के विरुद्ध परिवाद अपील को अस्वीकार कर दिया l