राजस्थान में UCC लागू करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ : मुहम्मद नाजिमुद्दीन
राजस्थान में UCC लागू करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ : मुहम्मद नाजिमुद्दीन
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
ब्यावर/जयपुर।
राजस्थान मंत्रिमंडल द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी दिए जाने और इसे 20 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पेश करने के फैसले का जमात-ए-इस्लामी हिन्द, राजस्थान ने कड़ा विरोध किया है।
जमात-ए-इस्लामी हिन्द, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष *मुहम्मद नाजिमुद्दीन* ने कहा कि मुस्लिम समुदाय किसी भी रूप में UCC को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर विभिन्न समुदायों की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को खत्म कर एक समान कानून थोपा जाता है तो यह लोकतांत्रिक सहमति नहीं, बल्कि थोपा हुआ कानून होगा।
नाजिमुद्दीन ने आरोप लगाया कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर संबंधित समुदायों को विश्वास में नहीं लिया गया। न विधेयक का प्रारूप सार्वजनिक किया गया और न पर्याप्त सार्वजनिक बहस हुई। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर कार्यालयों में हुई जन-सुनवाई भी निष्पक्ष नहीं थी, क्योंकि वहां अधिकांश ऐसे लोग बुलाए गए जिन्हें UCC की जानकारी ही नहीं थी।
उन्होंने कहा कि "समानता का अर्थ अनिवार्य एकरूपता नहीं है। भारत का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करता है। सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों को समाप्त करना संवैधानिक दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।"
*मुहम्मद नाजिमुद्दीन* ने सरकार से मांग की कि राजस्थान में UCC लागू करने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा में आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल लागू किया गया तो इसका लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।