हज़रत मुहम्मद सल्ला की शिक्षाएं और हमारी जिम्मेदारियां" विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित
हज़रत मुहम्मद सल्ला की शिक्षाएं और हमारी जिम्मेदारियां" विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही

ब्यावर। जमाअते इस्लामी हिन्द, ज़िला - अजमेर, ब्यावर व राजसमंद की जानिब से करबला रोड़ ब्यावर में " हज़रत मुहम्मद सल्ला की शिक्षाएं और हमारी जिम्मेदारियां" इस विषय पर एक निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जिसमें तकरीबन 300 सो बच्चे व बच्चियों ने हिस्सा लिया। और आज जिसका हौसला अफजाई कार्यक्रम रखा गया।

इस मौके पर मुमताज़ अली सहसचिव जमाअते इस्लामी हिन्द, ज़िला -अजमेर, ब्यावर व राजसमंद ने कहा कि प्रिय बच्चों आज बहुत खुशी का मौका है कि आप लोगों ने उस महान हस्ती के ऊपर निबन्ध लिखा है जो ईश्वर ने सम्पूर्ण मानव जाति के लिए सन्देश वाहक बनाकर भेजा और हज़रत मुहम्मद सल्ला ने मानव जाति की हर मैदानों में रहनुमाई की जैसे हमारे पड़ोसी, रिश्तेदारों, माता- पिता, भाई- बहिन ,यार- दोस्तों, गरीबों, यतीमों , विधवाओं, कमजोरों व बेसहाराओं के हमारे ऊपर किया हुकूक हैं या कैसा व्यवहार करना चाहिए। यहां तक कि खान- पान,शादी -ब्याह, परिवार में ज़मीन -जायदाद का बंटवारा, एक दूसरे से लेन-देन ,व्यापार व शासन- प्रशासन और अन्य सभी मैदानों में रहनुमाई फ़रमाई। जरूरत की बात की है कि हज़रत मुहम्मद सल्ला की शिक्षाओं को आम किया जाए जिससे देश दुनिया में अमन-चैन शान्ति कायम हो। और यही हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनकी शिक्षाओं पर खुद भी चलें व इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं ।

मेहबूब खान डायरेक्टर इक़रा पब्लिक स्कूल ब्यावर ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा के जरिए ही तरक्की राहें आसान हो सकती है। ज्ञानी व अज्ञानी कभी भी बराबर नहीं हो सकते। हज़रत मुहम्मद सल्ला ने कहा कि हर औरत व मर्द को शिक्षा का प्राप्त करना अनिवार्य है। क़ुरआन में आया है कि पढ़े- लिखे और अनपढ़ बराबर नहीं हो सकते। इस मौके पर जो बच्चे व बच्चियां प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान व अन्य सात बच्चे बच्चियों की बतौर हौसला अफजाई कापी,पेंन, पेंसिल,रबर, सोपनर,जोमक्टीरी -बाक्स व पानी बोतल इत्यादि इनामात से नवाजा गया। इमामुद्दीन,अलीशा बानो, निरसाना बानो, शाइस्ता बानो, सुमन बानो, माया बानो, तमन्ना बानो,सना बानो,आरजू बानो व दिलशादना बानो। इस मौके पर अहमद खान, सलमान काठात, सलीम काठात इत्यादि मौजूद थे। हाफ़िज़ मुहम्मद इम्तियाज की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
