गणेश चतुर्थी पर श्रद्धा और उल्लास का माहौल
गणेश चतुर्थी पर श्रद्धा और उल्लास का माहौल
The Bhaswar Times Update
जयपुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर सहित प्रदेशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों और गणेश पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गणपति को मोदक, लड्डू और विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में आकर्षक गणेश पंडाल सजाए गए हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था तथा सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
गणेश चतुर्थी को लेकर बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। श्रद्धालुओं ने गणेशोत्सव को आस्था के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व बनाने का संकल्प लिया।गणेश चतुर्थी पर श्रद्धा और उल्लास का माहौल
जयपुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर शहर सहित प्रदेशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मंदिरों और गणेश पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने गणपति को मोदक, लड्डू और विभिन्न प्रकार के नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में आकर्षक गणेश पंडाल सजाए गए हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था तथा सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
गणेश चतुर्थी को लेकर बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। श्रद्धालुओं ने गणेशोत्सव को आस्था के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व बनाने का संकल्प लिया।