वैश्विक शांति की संवेदना का साहित्य है परमहंस श्री स्वामी माधवानंद पुरी जी का साहित्य -महामंडलेश्वर स्वामी अवतार पुरी 

वैश्विक शांति की संवेदना का साहित्य है परमहंस श्री स्वामी माधवानंद पुरी जी का साहित्य -महामंडलेश्वर स्वामी अवतार पुरी 

वैश्विक शांति की संवेदना का साहित्य है परमहंस श्री स्वामी माधवानंद पुरी जी का साहित्य -महामंडलेश्वर स्वामी अवतार पुरी 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। जाड़न आश्रम में आयोजित “परमहंस श्री स्वामी माधवानंद पुरी जी महाराज के साहित्य में मानवीय मूल्य” पर द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी अवतार पुरी महाराज ने अपने उदबोधन में कहा कि “विश्व में शांति की परिकल्पना के लिए परमहंस श्री माधवानंद पुरी जी ने आज से पचास वर्ष पूर्व अपने साहित्य में लेखन कार्य किया था और हमारा कर्तव्य है कि उनके साहित्य का अध्ययन और अध्यापन करते हुए विश्व शांति की ओर अग्रसर हो सके ।

        कार्यक्रम संत सानिध्य महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी महाराज,महामंडलेश्वर श्री स्वामी फुल पुरी महाराज, ने भी अपने विचार रखे । महाविद्यालय छात्र छात्राओं व व्याख्याताओं ने परमहंस श्री स्वामी माधवानंद पुरी जी महाराज के जीवन वृत्त और साहित्य पर पेपर वाचन किए ।

कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक झूमर लाल गर्ग, निदेशक डॉ सुरेश गर्ग,प्राचार्य मोखा चौधरी, प्रवीण त्रिवेदी,सुमेर सिंह देवड़ा,महिपाल सिंह,लखाराम गर्ग,अशोक कुमार,हितेश्वर लखावत,अर्जुन सिरवी,साक्षी गुप्ता,धीरज राठौड़ गणमान्य लोगो के साथ छात्र छात्रायें उपस्थित रहे ।