बिजोवा में संवत्सरी महापर्व पर गूंजा मिच्छामि दुक्कडम्’,
**बिजोवा में संवत्सरी महापर्व पर गूंजा ‘मिच्छामि दुक्कडम्’, सामूहिक क्षमापना में उमड़ा श्रीसंघ*
रानी पर्युषण महापर्व के आठ दिनों से रानी क्षेत्र के बिजोवा गांव का माहौल निरंतर धार्मिक एवं आध्यात्मिक भक्ति से सराबोर है। वार्ड 2 आयोजनसमिति दो दिन और आयोजन कर रही है।
मंगलवार को संवत्सरी महापर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह साध्वी राजप्रज्ञाश्रीम.सा एवं साध्वी कैवल्य प्रज्ञा श्री म.सा ने बारसा सूत्र का वाचन कर इस ग्रंथ के विभिन्न सुत्रो पर प्रवचन किया । संवत्सरी महापर्व के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। साध्वी मसा ने कहा कि संवत्सरी आत्मावलोकन, प्रायश्चित और क्षमाभाव का पर्व वर्षभर में जाने-अनजाने में हुई भूलों एवं अपराधों के लिए क्षमा मांगना और दूसरों को हृदय से क्षमा करना, सभी जीवों से मैत्री,सभी के प्रति क्षमा,सभी का कल्याण येजैन धर्म की महान परंपरा है।
दोपहर में विधि कारक रितेश भाई मेहता के निर्देशन में प्रतिदिन की भांति धार्मिक पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ। बाद में आयोजन समिति के सदस्यों एवं सकल श्रीसंघ ने सामूहिक रूप से प्रतिक्रमण किया। उपवासरा हॉल में परंपरागत सामूहिक क्षमापना कार्यक्रम के साथ संवत्सरी महापर्व की आराधना संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने एक-दूसरेf से क्षमायाचना करते हुए ‘मिच्छामि दुक्कडम्’ कहकर परस्पर मैत्री एवं सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि रात्रि में प्रतिदिन की तरह संगीतकार संजय राठौर एंड पार्टी बीजापुर द्वारा भक्ति मय आत्म रंजन,आत्म दर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए।
आयोजन समिति के सदस्य ताराचंद एच .जैन, भागचंद के.राणावत, लेहरचंद सी. कांकरिया, भंवरलाल एस पूनमिया, सुरेश एफ. राणावत, जगदीश यू. राणावत, मुकेश वी. राणावत, नरेश वी. राणावत, संदीप मिश्रीमल सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं सकल श्रीसंघ आयोजन में मौजूद रहे।
**दस दिवसीय आयोजन में होंगे विशेष कार्यक्रम ** आयोजन समिति सदस्य ताराचंद एच जैन ने बताया कि 10 दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत बुधवार सुबह सभी तपस्वियों के पालना एवं बहुमान समारोह का आयोजन किया जाएगा। शाम को कायमी लाभार्थी फतेहचंद मिश्रीमल राणावत परिवार की ओर से सकल श्री संघ के लिए स्वामी वात्सल्य का आयोजन है।बिजोवागांव से तीर्थ वरकाना की चैतन्य परिपाटी का आयोजन किया जाएगा सभी पैदल यात्री मंदिर दर्शन करेंगे ।