स्वाधीनता की दास्तान संग्रहणीय व ऐतिहासिक दस्तावेज : अब्दुल समद राही
स्वाधीनता की दास्तान संग्रहणीय व ऐतिहासिक दस्तावेज : अब्दुल समद राही
चीफ ओमप्रकाश चौहान सागर
स्वाधीनता की दास्तान लेखक धर्मपाल गाँधी का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर लिखित आलेख के द्वारा ऐतिहासिक घटनाओं की मार्मिक प्रस्तुति द्वारा राष्ट्रीय चेतना, त्याग, संघर्ष और मानवीय मूल्यों को रेखांकित किया है।स्वाधीनता की दास्तान लेखक धर्मपाल गाँधी द्वारा लिखा संग्रहणीय व ऐतिहासिक दस्तावेज है। वर्तमान अंकुर द्वारा प्रकाशित संग्रह का संपादन अंजू गाँधी ने किया है।प्रकाशक निर्मेश त्यागी 'वत्स' के दो शब्द، मनजीत सिंह तंवर की शुभकामनाएं इसे प्रभावी बनाती है।
लेखक धर्मपाल गाँधी ने पुस्तक में विश्व के सबसे बड़े क्रांतिकारी और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में हिंदुस्तान की आजादी के लिये किये गये संघर्ष और आंदोलनों का उल्लेख किया है। जिसमें शीर्षक महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी, चम्पारण सत्याग्रह - 1917, अहमदाबाद मजदूर सत्याग्रह - 1918, खेड़ा सत्याग्रह - 1918, रॉलेट सत्याग्रह - 1919, जलियांवाला बाग हत्याकांड - 1919, असहयोग आंदोलन 1920-1922, बेलगाम अधिवेशन - 1924, बारदोली सत्याग्रह - 1928, लाहौर अधिवेशन - 1929, दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) 1930, कराची अधिवेशन - 1931, हरिजन आन्दोलन 1932-1934, हरिपुरा अधिवेशन - 1938, भारत छोड़ो आंदोलन - 1942, मेरठ अधिवेशन - 1946, स्वतंत्रता सेनानी सीमांत गाँधी खान अब्दुल गफ्फार खान, स्वतंत्रता सेनानी जयरामदास दौलतराम आदि का उल्लेख करते हुए इसे कामयाब और पठनीय बना दिया है।
मेरी दुआ है कि श्री धर्मपाल गांधी जी इसी तरह अपनी रचनाओं के माध्यम से सच्चाई को लोगों से रूबरू करवाते रहें। गांधी जी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।
पुस्तक : स्वाधीनता की दास्तान
लेखक : धर्मपाल गांधी
समीक्षक : अब्दुल समद राही
प्रकाशन : 2026
मूल्य : 299 रुपये
पृष्ठ : 160
प्रकाशक : वर्तमान अंकुर, नोएडा
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अब्दुल समद राही
अध्यक्ष प्रबंध निदेशक शबनम साहित्य समिति,
सोजत सिटी- राजस्थान
मोबाइल नंबर- 9251568499