राजस्थानी भाषा की पहली महिला उपन्यासकार आगरा में सम्मानित 

राजस्थानी भाषा की पहली महिला उपन्यासकार आगरा में सम्मानित 

राजस्थानी भाषा की पहली महिला उपन्यासकार आगरा में सम्मानित 

रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

जोध पुर ।   राजस्थानी एवं हिंदी भाषा में सभी विधाओं में 22 पुस्तकों का सृजन करने वाली । अनुवादक एवं संपादक, राजस्थानी भाषा की पहली महिला उपन्यासकार, पहली लोरीकार एवं दूसरी व्यंग्यकार बसन्ती पंवार जिनको राजस्थान प्रांतों के अलावा शिलांग, तमिलनाडु, फतेहाबाद, ग्वालियर, नेपाल, नासिक, मेरठ, हरियाणा, मुंबई, कानपुर, इंदौर, जबलपुर, भोपाल, दरभंगा, नागपुर, अल्मोड़ा, सिरसा आदि स्थानों पर 65 पुरस्कार / सम्मान प्राप्त हो चुके हैं । 

     आगरा की बहुत प्रसंशित एवं प्रतिष्ठित संस्था *संभवम* के पदाधिकारियों डॉक्टर शुभदा पांडे, प्रोफेसर बीना शर्मा, प्रोफेसर ज्योत्सना रघुवंशी, प्रोफेसर शिवनारायण शर्मा, प्रोफेसर सपना गुप्ता आदि के कर कमल द्वारा बसन्ती पंवार को उनके कृतित्व पर शाल, श्रीफल, उत्तरीय, पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र, बाल गोपाल की तस्वीर और अन्य उपहार तथा पधारे गए गणमान्य अतिथियों द्वारा भी विभिन्न उपहार देकर *संभवम्* सम्मान से सम्मानित किया गया । 

      बसन्ती पंवार 2011 में चेन्नई के राज्यपाल महामहिम श्री सुरजीत सिंह जी बरनाला व 2025 में राजस्थान के राज्यपाल महामहिम श्री हरिभाऊ किशन राव बागडे के कार्यक्रमों द्वारा भी सम्मानित हो चुकीं हैं । 

     बसन्ती पंवार राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर की भूतपूर्व सदस्य भी रह चुकीं हैं । 

     राजस्थान विश्व विद्यालय, जयपुर से शोधार्थी सुमन वर्मा द्वारा इनके कृतित्व पर पीएचडी भी की जा रही है । 

    आपकी कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं । आप हिन्दी से राजस्थानी भाषा में शब्दकोश का निर्माण एवं उपनिषद का राजस्थानी भाषा में अनुवाद का कार्य भी कर रहीं हैं ।