मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग को सजक व सतर्क रहना होगा- डॉ. गोस्वामी’
’मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग को सजक व सतर्क रहना होगा- डॉ. गोस्वामी’
’जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य भवन में ली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, दिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश’
पाली, 14 जुलाई। जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्वास्थ्य भवन में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण तथा परिवार कल्याण कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए चिकित्सा विभाग को मौसमी एवं जलजनित/मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पूरी सतर्कता एवं सजगता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को अपने-अपने चिकित्सा संस्थानों की नियमित निगरानी करने, क्षतिग्रस्त भवनों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में चिकित्सक एवं चिकित्सा कार्मिक समय पर चिकित्सा संस्थानों में उपस्थित रहकर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं, ताकि अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ एवं लंबी कतारों की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिला कलेक्टर ने सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी मरीज को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। जिन संस्थानों में दवाओं की कमी है, वहां तत्काल इंडेंन जारी कर आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि उनकी मंशा है कि जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों में अधिकाधिक संस्थागत प्रसव हों, जिससे जिला अस्पताल एवं उप जिला अस्पताल पर अनावश्यक दबाव कम हो तथा रेफर करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए श्मिशन सुरक्षा चक्र अभियानश् को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा व्यापक जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने लक्ष्य से पीछे चल रहे ब्लॉकों के अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने चिकित्सा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। एडिशनल सीएमएचओ डॉ जीत कुमार गुर्जर ने विश्व जनसंख्या सप्ताह व परिवार कल्याण कार्यक्रम के बारे में, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदांत गर्ग ने एनसीडी के बारे में, आरसीएचओ डॉ विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत ने टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। वहीं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. उजमा जबीन ने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही उन्होंने एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम एवं एआरटी सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में सोजत पीएमओ डॉ. राजेश गुप्ता, बाली पीएमओ डॉ. भरत टेलर, सुमेरपुर पीएमओ डॉ. महिपाल परमार, पाली पीएमओ से डॉ. एस.एन. स्वर्णकार, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित माथुर, डीपीओ भवानी सिंह, जितेंद्र सहित जिले के सभी बीसीएमओ, सीएचसी के प्रभारी, बीपीओ आदि उपस्थित रहे।