सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विश्व शांति संगोष्ठी का आयोजन

सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विश्व शांति संगोष्ठी का आयोजन

सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विश्व शांति संगोष्ठी का आयोजन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

बड़ी खाटू। अखिल भारतीय कबीर मठ सदगुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत डॉ नानक दास जी महाराज द्वारा महात्मा बुद्ध की 2570 वीं जयंती महोत्सव पर बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर विशेष विश्व शांति संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।

जिसमें मध्य प्रदेश से आए बाल संगीतकार अभिषेक व शोरभ भाई ने महात्मा बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर आशिर्वाद प्राप्त किया।

ध्यान से मन की पवित्रता और शांति प्राप्त होती है।

बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर, सत्य, अहिंसा और करुणा के दूत गौतम बुद्ध के संदेशों (शांति, प्रेम, करुणा) को समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाने का सेवा कार्य करना हम सबका दायित्व है।

"सत्य, अहिंसा, दया, करुणा और शांति के दूत भगवान बुद्ध के महान संदेश सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे।

"बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि। बुद्ध पूर्णिमा की पावन बेला पर, आप सभी को शांति, प्रेम और ज्ञान से ही मानव कल्याण है 

"शांति भीतर से आती है। इसे बाहर मत खोजो।" - 

"बुद्ध के ध्यान, दान, और मैत्री के भाव को अपनाएँ।

"जीवन में दुखों से मुक्ति और शांति का मार्ग, भगवान बुद्ध के उपदेशों में है।

आज विश्व में आध्यात्मिक शक्ति सकारात्मक शोच की आवश्यकता है। 

युद्ध करने से शांति नहीं आती है आचार्य धर्म गुरु साधु संत समाज को हाथ में शस्त्र उठाने की जरूरत नहीं है वह अपनी आध्यात्मिक शक्ति , त्याग के बल से पवित्र मन से विश्व में शांति ला सकते हैं हर व्यक्ति में करुणा प्रेम दया का भाव अपने आशीर्वाद से पैदा करें।यही विश्व शांति का संदेश सच्चा होगा।

समाज में शांति और प्रेम हमारी साधु संतों की सोच पर निर्भर करता है समाज में दिव्य गुणों से भरपूर त्यागमई सकारात्मक सोच वाला आध्यात्मिक शक्ति से पूर्ण कोई संत होगा तो ही समझ में समरसता प्रेम भाईचारा कायम रहेगा। 

महात्मा बुद्ध का संदेश पूरी दुनिया पढ़ करके शांति महसूस करती है 

मुगल काल में सदगुरु कबीर साहब बिना शस्त्र उठाए दुनिया को शांति प्रेम भाईचारा सामाजिक समरसता विश्व शांति का संदेश देकर सत्य सनातन संस्कृति की रक्षा की थी ।