यूनानी चिकित्सकों के पदों में कटौती पर फूटा गुस्सा सोजत तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

यूनानी चिकित्सकों के पदों में कटौती पर फूटा गुस्सा सोजत तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

यूनानी चिकित्सकों के पदों में कटौती पर फूटा गुस्सा, सोजत तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत । राष्ट्रीय आयुष मिशन भर्ती योजना में यूनानी चिकित्सकों के पदों में की गई भारी कटौती के विरोध में राजस्थान युवा यूनानी चिकित्सक संघ के बैनर तले स्थानीय प्रशासनिक तंत्र को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन पाली जिले की सोजत तहसील में स्थानीय तहसीलदार को मुख्यमंत्री और प्रमुख शासन सचिव (आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा विभाग) के नाम प्रेषित करने हेतु दिया गया।

113 स्वीकृत पदों को घटाकर किया 94

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन की वार्षिक कार्य योजना (2024-25) के अंतर्गत राजस्थान वित्त विभाग द्वारा 546 संविदात्मक डॉक्टरों के पदों पर भर्ती हेतु वित्तीय सहमति दी गई थी। इस स्वीकृत योजना के तहत प्रारंभ में यूनानी चिकित्सकों के लिए 113 पद प्रस्तावित और निर्धारित किए गए थे। परंतु, वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया में इन पदों की संख्या को घटाकर मात्र 94 कर दिया गया है। विभाग के इस फैसले से योग्य अभ्यर्थियों में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।

प्रतिनिधिमंडल ने उठाई मांगें

सोजत तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राजस्थान युवा यूनानी चिकित्सक संघ के पाली जिला अध्यक्ष मोहम्मद मोईनुद्दीन ने किया। यूनानी चिकित्सकों की इस मांग को स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और कानूनी सलाहकारों का भी पूरा समर्थन मिला। ज्ञापन सौंपते समय जिला अध्यक्ष के साथ मुख्य रूप से एडवोकेट बिलाल सिद्दीकी, मोहम्मद आसिफ, जुनेद, मुनीर सिसोदिया और शाहरुख सहित कई अन्य जागरूक युवा उपस्थित रहे।

प्रमुख मांगें:

   1. पदों की बहाली: वित्त विभाग द्वारा जारी मूल मंजूरी के क्रम में यूनानी चिकित्सकों के पदों की संख्या को पुनः विभाग की मूल मांग के अनुरूप 113 किया जाए।

   2. परिणाम की घोषणा: इन बढ़े हुए पदों के संशोधित विवरण को शामिल करते हुए भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम तत्काल प्रभाव से जारी करवाया जाए।

जिला अध्यक्ष मोहम्मद मोईनुद्दीन ने कहा कि यदि सरकार इस सकारात्मक निर्णय को लागू करती है, तो प्रदेश की यूनानी चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के उचित अवसर प्राप्त होंगे। पदों को यथावत नहीं करने पर संगठन ने आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।