कृषि विभाग एवं टैफे-जेफार्म सर्विसेज के बीच हुआ एमओयू*

कृषि विभाग एवं टैफे-जेफार्म सर्विसेज के बीच हुआ एमओयू*
कृषि विभाग एवं टैफे-जेफार्म सर्विसेज के बीच हुआ एमओयू*

राजस्थान सरकार के कृषि विभाग एवं टैफे-जेफार्म सर्विसेज के बीच हुआ एमओयू*

*-डिजिटल *प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को किराए पर मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र,* कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा*

जयपुर/ 16 जुलाई। प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को गति देने तथा लघु एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कृषि विभाग, राजस्थान एवं टैफे-जेफार्म सर्विसेज के मध्य गुरुवार को पंत कृषि भवन स्थित सभा कक्ष में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के माध्यम से किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रैक्टर एवं आधुनिक कृषि उपकरण आसानी से किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी तथा उत्पादकता में वृद्धि होगी।

प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर राजस्थान में कृषि यंत्रीकरण को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मॉडल है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करना है, जिनका संचालन फेडरेशन, सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) अथवा व्यक्तिगत उद्यमियों द्वारा किया जा सके। इससे कृषि यंत्रों की उपलब्धता का मजबूत एवं व्यापक नेटवर्क विकसित होगा तथा किसानों को आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक एवं महंगे कृषि यंत्र किराए पर सुलभ हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि विभाग केवल इन केंद्रों की स्थापना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित करेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर राज्य सरकार के कृषि यंत्रीकरण संबंधी प्रयासों को सुदृढ़ बनाने के साथ योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विकसित राजस्थान के विजन के अनुरूप कृषि को अधिक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी एवं किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने कहा कि इस साझेदारी से छोटे एवं सीमांत किसानों को कृषि यंत्रीकरण एवं डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक सरलता से प्राप्त होगा। इससे ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण किराया व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा राज्य में सतत कृषि विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि टैफे-जेफार्म सर्विसेज के साथ यह साझेदारी प्रदेश के प्रत्येक किसान तक आधुनिक कृषि यंत्र पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

**डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी निर्बाध सेवा**

समझौते के तहत जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को बिना किसी अतिरिक्त सेवा शुल्क के ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस प्लेटफॉर्म को 'राज किसान साथी' पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा, जिससे किसानों को डिजिटल माध्यम से निर्बाध सेवाएं प्राप्त होंगी। भूमि तैयारी, बुआई, कटाई एवं फसल कटाई उपरांत कार्यों सहित संपूर्ण फसल चक्र में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके साथ ही किसानों, कस्टम हायरिंग सेंटरों, ट्रैक्टर मालिकों एवं किसान उत्पादक संगठनों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़कर कृषि यंत्र किराया तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाएगा। किसान जागरूकता अभियान, प्रदर्शन, किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ किसानों, एफपीओ, ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों, महिला स्वयं सहायता समूहों एवं एग्री-स्टार्टअप्स के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण एवं ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

**कृषि क्षेत्र में नवाचार को मिल रही निरंतर गति**

उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा गत 10 जुलाई को भी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (एनआईएएम), 10 अग्रणी एग्रीटेक स्टार्टअप्स तथा 20 प्रतिष्ठित सिविल सोसाइटी संगठनों सहित कुल 32 संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन साझेदारियों के माध्यम से प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीकों के प्रसार तथा किसानों की आय में सतत वृद्धि को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन समझौता ज्ञापनों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं जलवायु अनुकूल खेती की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रमाणन, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसान, महिला किसान, युवा किसान तथा जनजातीय क्षेत्रों के कृषकों को इन पहलों का व्यापक लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण, प्रदर्शन प्लॉट, किसान समूहों के गठन एवं स्थानीय स्तर पर सतत तकनीकी सहयोग के माध्यम से कृषि को अधिक व्यवहारिक, आधुनिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती श्वेता चौहान सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा टैफे के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला परिषद स्तर पर संयुक्त निदेशक कृषि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।