बांगड़ महाविद्यालय में एईडीपी के तहत तीन नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू’
राजकीय बाँगड़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एईडीपी के तहत तीन नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू’
’17 जुलाई को होगी प्रेस वार्ता, प्रवेश एवं पाठ्यक्रमों की दी जाएगी विस्तृत जानकारी’
पाली, 16 जुलाई। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम के अंतर्गत राजकीय बाँगड़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कला संकाय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसको लेकर शुक्रवार को प्रातः 11ः30 बजे प्राचार्य कक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है। अंग्रेजी विभाग में कॉन्टेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग, इतिहास विभाग में टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस तथा भूगोल विभाग में लॉजिस्टिक्स विषय में एईडीपी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।
महाविद्यालय प्राचार्य ने बताया कि इन नवीन पाठ्यक्रमों को राज्य सरकार द्वारा उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। पाठ्यक्रमों की विशेषताओं, प्रवेश प्रक्रिया, रोजगार की संभावनाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से मीडिया को अवगत कराने के लिए 17 जुलाई 2026 को प्रातः 11ः30 बजे प्राचार्य कक्ष में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।
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सचिव भाटी ने मानसिक विमंदित पुुनर्वास गृह, रामासिया तथा जिला कारागृह पाली का किया निरीक्षण’
पाली, 16 जुलाई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी द्वारा रिद्धी सिद्धी सेवा संस्थान द्वारा संचालित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह, रामासिया तथा जिला कारागृह पाली का निरीक्षण किया गया।
सचिव भाटी द्वारा संस्थान में भोजन-पेयजल व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास करने की प्रक्रिया, अभिलेखों के संधारण इत्यादि के संबंध में जानकारी ली। केयरटेकर श्रीमति निकी सागर ने बताया कि पुनर्वास गृह में मन्दबुद्धि बच्चों के आवास, भोजन, शिक्षण एवं योगा की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध हैं। पुनर्वास गृह में बालकों को संतुलित पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाता है। सचिव भाटी ने पुनर्वास गृह से मानसिक विमंदित बच्चों के पुनर्वास के संबंध में भी जानकारी ली। साथ ही पुनर्वास गृह में मिलने वाली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं तक बालकों की पहुंच सुगम रखने, समय-समय पर बालकों की चिकित्सकीय जांच करवाने, बच्चों के रूचि अनुरूप गतिविधियां करवाने तथा मौसम अनुकूल व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जिला कारागृह पाली के दौरान 83 बन्दी जिला कारागृह, पाली में निरूद्ध मिले। दौराने निरीक्षण सचिव भाटी द्वारा बन्दीगण से वार्तालाप कर कारागृह में भोजन, चिकित्सीय सुविधा, पेयजल, सफाई व्यवस्था इत्यादि के संबंध में जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त कोई भी बन्दी निजी अधिवक्ता करने में असमर्थ हो अथवा विधिक सहायता के अभाव में बिना अधिवक्ता के कारागृह में निरूद्ध ना रहे, इस हेतु सचिव भाटी द्वारा कारागृह में बन्दीगण को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। साथ ही ऐसे बन्दी जिनकी जमानत होने के उपरांत भी कारागृह में निरूद्ध हो इस संबंध में भी जानकारी ली गई तथा बंदियों को उनके प्रकरणों की स्थिति के बारे में बताया। सचिव भाटी द्वारा बंदियों से वार्तालाप कर समस्याओं के बारे में पूछा तथा नवआगन्तुक बंदियों से वार्तालाप कर वक्त घटना/आरोपित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में जानकारी ली गई। सभी बन्दी की ओपीडी के समय में स्वास्थ्य जांच की जाती है तथा इमरजेन्सी होने पर बन्दीगण को राजकीय बांगड़ अस्पताल पाली रेफर किया जाता है। दौराने निरीक्षण जोराराम कारापाल जिला कारागृह पाली, उपकारापाल नरेश जिला कारागृह पाली, सुश्री विनीता प्रजापत जेल विजिटिंग लॉयर आदि उपस्थित रहे