संसार मे रहना गलत नही है संसार को अपना मानना गलत है : गोविंद देव गिरी
संसार मे रहना गलत नही है संसार को अपना मानना गलत है : गोविंद देव गिरी
श्रीमद भागवत कथा में तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब
गोविंद देव गिरी महाराज का हर्षोल्लास से मनाया जन्मदिन
रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही
सोजत । न्याय मे विलंब नही होना चाहिए उतानपाद ध्रव की कथा मे बताया गया,"जिसका कोई नही होता उसका गोपाल होता है"।
सुनिति ने ध्रुव से कहा है की किसी के प्रति मन मे क्षोभ नही रखते हुए परमात्मा का ध्यान रखना चाहिए। उक्त उद्गार गोविंद देव गिरी महाराज ने पुरणेश्रर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा करते हुए व्यक्त किए उन्होंने कहा कि

सुबह सुबह संत के दर्शन अति उत्तम होता है,नारद जी ने ध्रुव के सत्य कि परख कि संसार का सर्वोत्तम मार्ग ध्यान योग लगा कर प्रभु का स्मरण करना है। 12श्लोकों की स्तुती शिव भागवत का अनुपम अलंकार है।
भगवान जिस पर कृपा करते है वो कृपा प्राप्त करते है।
इला एंव म्रभी के साथ विवाह हुआ। संसार मे रहना गलत नही है संसार को अपना मानना गलत है। उन्होंने अजामील एंव भक्त प्रहलाद के चरित्र का वर्णन किया। स्वामी गोविंदगिरी जी महाराज के जन्मदिन पर पुष्कर सरोवर से लाए गये जल कलश से 12 वेदपाठीयो द्वारा घनपाठ कर अभिषेक किया गया
महाराष्ट्र से आयी मण्डली द्वारा लोक संस्कृति से जन्मदिवस कि प्रस्तुती दी गयी। इस अवसर पर पुर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी कि पुत्री स्वाती का जन्मदिन भी मनाया गया। स्वामी जी ने जन्मदिन पर पूर्व राष्ट्रपति कोविंद व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद को बधाई दी। वचनाराम राठौड़, महेंद्र राठौड़, महामंडलेश्वर चेतनगिरी महाराज, महामंडलेश्वर ओम आचार्य जी महाराज, संदीप झवर,देवेश तिवारी द्वारा आरती कि गयी।
इस मौके पर महामंडलेश्वर श्री विशोकानंद जी महाराज,नैनाराम निकुंम, मदन पंवार, बाबुलाल, जुगलकिशोर निकुंम, नरपत सोलंकी, श्याम पंवार, तरूण सोलंकी,राकेश पंवार सहित बड़ी संख्या मे गणमान्यजन उपस्थित थे।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उपासना करने वाले वचनाराम राठौड़ का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया।