काव्य-गोष्ठी में दिखे कविता के सबरंग 

काव्य-गोष्ठी में दिखे कविता के सबरंग 

काव्य-गोष्ठी में दिखे कविता के सबरंग 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

जोधपुर । नवोदय सबरंग. साहित्य परिषद की द्विमासिक काव्य-गोष्ठी संस्था के इन्कम टैक्स कॉलोनी स्थित कार्यालय पर संपन्न हुई, जिसमें नगर के 18 सिद्ध-हस्त रचनाकार एवं संगीत के सुर-साधकों ने अपनी-2 पुरकशिश प्रस्तुतियां दीं ।

     गोष्ठी का आगाज मेजबान श्रीमती अनुराधा अडवानी ने अपने स्व.पिता एनके मेहता को श्रृध्दा-सुमन अर्पित करते हुए उनकी कविता- "क्या" के प्रमुख अंश-"कर्ज चुकाना मातृभूमि का, है सर्वोपरि कर्तव्य हमारा.." पढ़कर कियाl कार्यक्रम का श्रीगणेश नवोदित कवि नंदलाल भाटी ने अपनी श्रृंगार की कविता से किया, एवं संचालन कवयित्री डॉ. तृप्ति गोस्वामी 'काव्यांशी' ने अपने दिलकश अंदाज में किया। कार्यक्रम ढाई घंटे तक चला।

     संस्था के सचिव अशफाक अहमद फौजदार ने आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की आयोजिका श्रीमती अनुराधा अडवानी ने पत्रकारों को संस्था की भविष्यगत योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

     कार्यक्रम में असरार आहिल, श्याम गुप्ता 'शान्त ', डॉ. एम.के. जैन, सुरेश कुमार श्रीमाली, अर्जुन सांखला, रजा मोह.खान, डीके सर, हंसराज 'हंसा', राजेंद्र खींवसरा 'राज', ओम प्रकाश गोयल 'सायर', जुगल सारस्वत, पंकज 'बिंदास', दीपिका 'रूहानी', शुचि गुप्ता तथा हिमाशु लाहोटी ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।