गृह ऋण की बकाया राशि ऋणी की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी देने के लिए जिम्मेदार*
*गृह ऋण की बकाया राशि ऋणी की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी देने के लिए जिम्मेदार*
जोधपुर 8 अप्रैल l राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर पीठ द्वारा बीमा कंपनी की अपील को अस्वीकार करते हुए अपने निर्णय में कहा कि उपभोक्ता द्वारा लिए गए बकाया गृह ऋण की राशि उपभोक्ता की मृत्यु हो जाने पर बीमा कंपनी चुकाने के लिए जिम्मेदार है l
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने जिला उपभोक्ता आयोग जैसलमेर के निर्णय के विरुद्ध राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर पीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत करते हुए बताया कि विपक्षी दीपक कुमार के पिता स्वर्गीय कुम्पाराम ने एसबीआई बैंक शाखा ने नेहडाई जैसलमेर से 12 लाख का गृह ऋण स्वीकृत करवाया था तथा इसके लिए 1 एक 04926 रुपए अदा कर ऋण रक्षा पॉलिसी मार्च 2022 में ली थी तथा परिवादी के पिता ने स्वीकृत राशि में से कुल 6 लाख रुपए की राशि ही ली एवं मई 2022 में उसके पिता की मृत्यु हो गई l
परिवादी ने पिता की मृत्यु पर डेथ क्लेम पेश कर बकाया ऋण राशि समायोजित करने का दावा प्रस्तुत किया l बीमा कंपनी ने पूर्व बीमारी का हवाला देकर दावा अस्वीकार कर दिया l बीमा कंपनी ने प्रीमियम राशि 88 हजार 920 वापस लौटा दी l परिवादी ने जिला उपभोक्ता जैसलमेर के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया जिसे आयोग ने स्वीकार कर बकाया ₹6 लाख एवं लौटाई गई प्रीमियम राशि में से कम करते हुए परिवादी के पक्ष में आदेश पारित किया l
आयोग के सदस्य न्यायिक सुरेन्द्र सिंह सदस्य लियाकत अली के समक्ष दोनों पक्षों की परिवादी के अधिवक्ता ने बताया कि परिवादी के पिता को कोई पूर्व बीमारी नहीं थी l
बीमा कंपनी की ओर से बताया गया कि बीमित ने 2017 में एम्स जोधपुर में इलाज लिया था जिसे उसने छुपाया था l बैंक की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ l
राज्य आयोग ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा कि एम्स जोधपुर में बीमित ने वर्ष 2017 में 6 महीने से कमजोरी की शिकायत एवं अल्ट्रासाउंड जांच में फैटी लिवर ग्रेड एक पाया गया l एम्स के दस्तावेज वर्ष 2017 के हैं जबकि बीमित ने पॉलिसी 2022 में ली थी l बीमा कंपनी ने कोई प्रस्तावना फॉर्म प्रस्तुत नहीं किया l मृत्यु का कारण भी लीवर की बीमारी से भिन्न पाया गया l आयोग में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की अपील को अस्वीकार कर जिला आयोग जैसलमेर के निर्णय को उचित माना l बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता के के गोयल एवं विपक्षी की ओर से अधिवक्ता अनीष अहमद उपस्थित हुए l लियाकत अली सदस्य अपीलार्थी ने राज्य आयोग के समक्ष अपील प्रस्तुत की l आयोग के सदस्य न्यायिक सुरेंद्र सिंह एवं सदस्य लियाकत अली ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर अपने निर्णय में कहा कि राज्य उपभोक्ता आयोग जोधपुर पीठ के केस नंबर 85/2024 आदेश 8 अप्रैल 2026 एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस बनाम दीपक कुमार में बीमा कंपनी की अपील अस्वीकार गृह ऋण की बकाया राशि ऋणी की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी देने के लिए जिम्मेदार माना हैँ.