हनुमान जी ने अशोक वाटिका उजाड़ी
हनुमान जी ने अशोक वाटिका उजाड़ी
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही की रिपोर्ट
पाली। दिनों-दिन लोकप्रियता के पायदान पर चढ़ती श्री रामलीला कमेटी की ओर से मंचित संगीतमय रामलीला के छठे दिन का मंचन हनुमान के लंका प्रस्थान से आरम्भ होकर रावण–अंगद संवाद तक चला।
शुभारम्भ
कार्यक्रम का प्रारम्भ दुर्गा वन्दना से हुआ।
प्रमुख प्रसंग
अशोक वाटिका प्रसंग : रावण का सीता को धमकाना, हनुमान का सीता से मिलन, अक्षयकुमार से युद्ध और अशोक वाटिका को उजाड़ने का दृश्य दर्शकों को खूब भाया।
मेघनाद व हनुमान संवाद : मेघनाद द्वारा हनुमान को बंदी बनाकर रावण के सम्मुख प्रस्तुत करना और दोनों का संवाद आकर्षण का केन्द्र रहा।
विभीषण का राम चरणों में जाना : रावण द्वारा विभीषण को राज्य से निकालना और विभीषण का राम शरण में जाना दर्शकों को भावविभोर कर गया।
सीता–राम का विरह : “किसे सुनाऊ अपनी व्यथा…” में सीता का विरह और “अश्रु झड़े सुन तेरी व्यथा…” में राम की आकुलता ने हृदय को स्पर्श किया।
रावण–अंगद संवाद : दरबार का यह दृश्य पारसी थियेटर की झलक लिए हुए रहा।
कलाकारों का योगदान
आज के मंचन में जीवराज चौहान, रोहित शर्मा, गोविंद गोयल, अंकित वैष्णव, मांगू सिंह दुदावत, परमेश्वर सिंह दूदावत, आशीष व्यास, महेंद्र बडगोती, सुरेश राठौड़, गोपाल, अर्जुन बडगोती, जगदीश, जयेश शर्मा, ज्ञानचंद राठौड़, नेमीचंद टांक, महेंद्र चौहान, संजय चौहान, जसवंत सिंह, कमलेश, **महिला कलाकार ** रूपाली जोशी, हिमांशी जोशी, जय जोशी, डिंपल, दिव्या, कंचन दासानी, कशिश, नैहा देवड़ा, हर्षवर्धना भाटी सहित अनेक कलाकारों ने अपनी पूरी ताकत लगाई।
रामलीला देखने पधारे अतिथियों में प्रमुख रहे—
भीमराज भाटी (विधायक, पाली)
चन्द्रप्रकाश पारीक (राजस्थानी फिल्म लेखक व निर्देशक)
प्रवीण कोठारी (कार्यकारी अध्यक्ष, जिला कांग्रेस)
प्रदीप हिंगड़ (पूर्व सभापति, नगर परिषद पाली)
हकीम भाई (अध्यक्ष, शहर कांग्रेस)
मेहबूब टी (उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस)
मदन सिंह जागरवाल (अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायत राज)
प्रकाश सांखला (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, शहर कांग्रेस)
गोर्वधन देवासी (जिलाध्यक्ष, युवा कांग्रेस)
नीलम बिड़ला महासचिव प्रदेश महिला कांग्रेस, डॉ. रमेश चावला (पूर्व पार्षद, पाली), मनीष राठौड़ आदि।
इन सभी अतिथियों का श्री रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष हीरालाल व्यास, एम.एम. बोडा, सचिव परमेश्वर जोशी, निर्देशक हरिचरण वैष्णव, सह-निर्देशक गणेश परिहार, मांगीलाल तंवर, देवीलाल पंवार, प्रकाश चौधरी, देवीसिंह राजपुरोहित, सुनील रामावत, लालजी बिड़ला, नवीन वागोरिया, दिगम्बर व्यास, राजेंद्र सोढा आदि ने दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।