हनवंत सिंह ने कार्य के प्रति निष्ठा समर्पण और समय की पाबंदी से बनाई पहचान : लालचंद मोयल
हनवंत सिंह ने कार्य के प्रति निष्ठा समर्पण और समय की पाबंदी से बनाई पहचान : लालचंद मोयल
प्रमोशन पर भावुक विदाई : हनवंत सिंह अब होंगे पाली के अतिरिक्त कोषाधिकारी
वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही

सोजत। कोष कार्यालय सोजत में कार्यरत हनवंत सिंह की अतिरिक्त कोषाधिकारी के पद पर पाली में पदोन्नति होने पर शुक्रवार को कार्यालय परिसर में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में समस्त स्टाफ ने सिंह को साफा, फूल-माला, पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया व गिफ्ट प्रदान किए। साथियों ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों और सहयोग की सराहना की।


इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल ने कहा कि हनवंत सिंह ने कार्य के प्रति निष्ठा समर्पण और समय की पाबंदी से अपनी पहचान बनाई इन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और मृदु व्यवहार से सबका दिल जीता है। हमें विश्वास है कि वे नए दायित्व को भी पूरी निष्ठा से निभाएंगे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए एसीबीओ मोहम्मद रफीक ने कहा कि हम सब यहाँ श्री हनवंत सिंह जी के सम्मान और विदाई के लिए एकत्रित हुए हैं। यह खुशी का भी अवसर है और भावुक होने का भी। श्री हनवंत सिंह ने कोष कार्यालय सोजत में अपने कार्यकाल के दौरान जिस निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन से कार्य किया है, वह हम सभी के लिए प्रेरणा है। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ किया।

विदाई के अवसर पर श्री हनवंत सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा, सोजत कोष कार्यालय परिवार से मुझे जो स्नेह और मार्गदर्शन मिला है, उसे मैं जीवनभर याद रखूंगा।"

इस दौरान जालम सिंह का भी स्थानांतरण होने पर उनका भव्य बहुमान किया गया। इस अवसर पर एकाउंटेंट अनील जैन, यसवंत सिंह, शारीरिक शिक्षक संघ पाली जिला संरक्षक सत्तुसिंह भाटी, फौजी अशोक सेन, महेंद्र माथुर, मोहम्मद यासीन खरादी, एडवोकेट दुर्गा दास राठौड़, बागावास मांगीलाल चौहान, समाज सेवी अशोक बारहठ, कैलाश दान चारण, खुशालीराम, गंगाराम, महेंद्र कुमार बौराणा, आदित्य पंवार, जितेन्द्र सिंगाड़िया, देवीसिंह, माणक पंवार, कौशल सांखला, ताराचंद, दुलीचंद, सद्दाम हुसैन, परेस लोढ़ा, प्यारेलाल परमार, मोती लाल मोर्य, दौलत सिंह सहित कार्यालय के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे और श्री सिंह को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह का सरस संचालन वरिष्ठ साहित्यकार रामस्वरूप भटनागर ने किया। अंत में उपकोष अधिकारी रामेश्वर सेन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
