माँ और नवजात की मुस्कान बनी डॉक्टरों की सबसे बड़ी जीत हाई रिस्क गर्भवती को मिला नया जीवन दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

माँ और नवजात की मुस्कान बनी डॉक्टरों की सबसे बड़ी जीत हाई रिस्क गर्भवती को मिला नया जीवन दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म

माँ और नवजात की मुस्कान बनी डॉक्टरों की सबसे बड़ी जीत 

हाई रिस्क गर्भवती को मिला नया जीवन दिया स्वस्थ बच्चे को जन्म 

वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। जिला अस्पताल की एक बेहद सकारात्मक और प्रेरक खबर सामने आते ही अस्पताल परिसर में खुशी का माहौल बना दिया। कभी-कभी समय पर मिला उपचार केवल एक मरीज की जान नहीं बचाता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां लौटा देता है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक उदाहरण सोजत सिटी जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां लूणावास गांव निवासी संतोष की हाई रिस्क गर्भावस्था को चिकित्सकों की मेहनत, धैर्य और समर्पण ने सुरक्षित मातृत्व की सफलता में बदल दिया।

महिला का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 7.7 ग्राम/डीएल था: खून की गंभीर कमी के कारण माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों की जान को खतरा था। सही समय पर एफसीएम इंजेक्शन देने और लगातार मॉनिटरिंग से हीमोग्लोबिन बढ़कर 10.4 ग्राम/डीएल तक पहुंच गया। डॉ. अशोक गहलोत ने अपनी पूरी टीम के साथ सावधानीपूर्वक उपचार किया और सफल सामान्य प्रसव करवाया। प्रसव के बाद अस्पताल परिसर नवजात की पहली किलकारी से गूंज उठा माँ और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित बताएं गये है।

इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका 

डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ हिमांशी नर्सिंग अधिकारी स्मिता, शंभू दयाल, सरोज, अनीता, अंजना व लेबर रूम समस्त स्टाफ

इनका कहना है-

संतोष पहले से चार बच्चों की मां हैं और यह उनकी पांचवीं डिलीवरी थी। गंभीर एनीमिया के कारण यह गर्भावस्था अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन समय पर उपचार और स्वास्थ्य टीम के समर्पित प्रयासों ने संभावित खतरे को खुशियों में बदल दिया।

* पीएमओ डॉ. राजेश गुप्ता