एमडीएम अस्पताल में डीबीटी भुगतान में अनियमितता 9 लाख 42 हजार रुपये के गबन

एमडीएम अस्पताल में डीबीटी भुगतान में अनियमितता 9 लाख 42 हजार रुपये के गबन

एमडीएम अस्पताल में डीबीटी भुगतान में अनियमितता 9 लाख 42 हजार रुपये के गबन का मामला दर्ज

जोधपुर। 12 फरवरी/ मथुरादास माथुर (एमडीएम) चिकित्सालय में ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थी प्रसूताओं को किए गए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित द्वारा 10 फरवरी 2026 को थानाधिकारी शास्त्रीनगर को भेजे गए पत्र के अनुसार संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोन जोधपुर के निवेदन पर राज्य स्तर पर की गई गहन समीक्षा में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की आशंका पाई गई।

जिला स्तरीय जांच दल की प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि अगस्त 2015 से मार्च 2025 की अवधि के दौरान जननी सुरक्षा योजना एवं राजश्री योजना के अंतर्गत ओजस सॉफ्टवेयर से किए गए भुगतानों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। जांच में भुगतान सत्यापन एवं स्वीकृति जारी करने वाले कार्मिकों की संभावित मिलीभगत भी सामने आई है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार संलग्न सूची में उल्लिखित बैंक खातों में कुल नौ लाख बयालिस हजार चार सौ सैंतालीस रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एमडीएम अस्पताल में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल विश्नोई का नाम अभिलेखों से प्राप्त हुआ है। साथ ही अन्य संबंधित कार्मिकों की संलिप्तता से अधिक राशि के गबन की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है।

पुलिस थाना शास्त्रीनगर पश्चिम ने प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 408 (आपराधिक न्यासभंग) एवं 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। अनुसंधान की जिम्मेदारी एएसआई चंचल प्रकाश को सौंपी गई है।

पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी