ज्ञान, कौशल और करियर का संगम: NEP 2020 में इंटर्नशिप का परिवर्तनकारी आयाम : डॉ. श्वेता शर्मा

ज्ञान, कौशल और करियर का संगम: NEP 2020 में इंटर्नशिप का परिवर्तनकारी आयाम : डॉ. श्वेता शर्मा

ज्ञान, कौशल और करियर का संगम: NEP 2020 में इंटर्नशिप का परिवर्तनकारी आयाम : डॉ. श्वेता शर्मा

प्रस्तावना: शिक्षा का ऐतिहासिक प्रवाह और आधुनिक पुनर्जागरण

भारत की शिक्षा परंपरा सदैव अनुभव और व्यवहार से जुड़ी रही है। तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालय केवल ज्ञान के केंद्र नहीं थे; वे जीवन-कौशल के प्रशिक्षण स्थल भी थे। विद्यार्थी शासन-प्रशासन, चिकित्सा, स्थापत्य, खगोलशास्त्र और अर्थनीति का व्यावहारिक अध्ययन करते थे। शिक्षा केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी थी।

समय के साथ शिक्षा प्रणाली अधिक परीक्षा-केन्द्रित और प्रमाणपत्र-आधारित होती चली गई। ज्ञान और कार्यक्षेत्र के बीच दूरी बढ़ती गई। परिणामस्वरूप डिग्री तो मिलती रही, पर कौशल और रोजगार-तैयारी का अभाव स्पष्ट दिखने लगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) इसी ऐतिहासिक दूरी को समाप्त करने का प्रयास है। इंटर्नशिप को अनिवार्य, संरचित और क्रेडिट-आधारित बनाकर यह नीति शिक्षा को पुनः जीवन और उद्योग से जोड़ रही है।

इंटर्नशिप: शिक्षा का व्यावहारिक विस्तार

NEP 2020 के अनुसार, विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों—उद्योग, शोध संस्थान, स्टार्टअप, स्थानीय कारीगर, कृषि क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालय और सामाजिक संगठनों—में कार्य करने का अवसर दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य है:

शिक्षा और रोजगार के बीच सेतु बनाना

कौशल आधारित अधिगम को बढ़ावा देना

बहु-विषयी अनुभव उपलब्ध कराना

आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना

उद्यमिता की भावना को सशक्त बनाना

इंटर्नशिप को अकादमिक क्रेडिट से जोड़ना इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण आयाम है। अब अनुभव भी शिक्षा का औपचारिक हिस्सा है।

वर्तमान परिदृश्य: नीति से व्यवहार तक

1. AICTE राष्ट्रीय इंटर्नशिप पोर्टल

AICTE द्वारा संचालित राष्ट्रीय इंटर्नशिप प्लेटफॉर्म पर लाखों अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, MSME विकास और स्टार्टअप प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

छात्र अनुभव:

कई छात्रों ने साझा किया कि इंटर्नशिप के बाद उन्हें उद्योग की कार्य संस्कृति, समय-प्रबंधन और टीमवर्क की वास्तविक समझ मिली। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और प्लेसमेंट के अवसर बेहतर हुए।

2. DRDO, ISRO और IISER जैसे शोध संस्थान

विज्ञान और इंजीनियरिंग के छात्रों को रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से जुड़ी परियोजनाओं में इंटर्नशिप का अवसर मिल रहा है। IISER जैसे संस्थानों में शोध-आधारित इंटर्नशिप छात्रों को प्रयोगशाला अनुभव और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही है।

छात्र दृष्टि से प्रभाव:

वैज्ञानिक सोच का विकास

अनुसंधान पद्धति की समझ

वैश्विक शोध-प्रतिस्पर्धा की तैयारी

3. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS)

राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल बढ़ाना है। बड़े कॉर्पोरेट संस्थानों में संरचित प्रशिक्षण से छात्रों को पेशेवर वातावरण का अनुभव मिलता है।

छात्र प्रभाव:

कॉर्पोरेट संस्कृति की समझ

नेतृत्व और संवाद कौशल

करियर दिशा स्पष्टता

4. विश्वविद्यालय-स्तरीय पहल

विस्वेस्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय (VTU) ने केंद्रीकृत इंटर्नशिप पोर्टल प्रारंभ किया है। “इंटर्नशिप डायरी” के माध्यम से अनुभव का मूल्यांकन किया जाता है।

AKTU ने ऑनलाइन इंटर्नशिप को शैक्षणिक क्रेडिट में शामिल किया है, जिससे डिजिटल प्रोजेक्ट्स भी डिग्री का हिस्सा बन गए हैं।

नागपुर विश्वविद्यालय ने ड्रोन टेक्नोलॉजी और साइबर साइंस जैसे पाठ्यक्रम उद्योग इंटर्नशिप के साथ शुरू किए हैं।

5. ग्रामीण और छोटे शहरों में विस्तार

बिहार सहित कई राज्यों में पेशेवर पाठ्यक्रमों के साथ वजीफा आधारित इंटर्नशिप शुरू की गई है। इससे ग्रामीण छात्रों को भी समान अवसर मिल रहे हैं।

यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को सुदृढ़ करती है।

संकाय-आधारित विश्लेषण: छात्र अनुभव की विविधता

(1) मानविकी

इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र के छात्र संग्रहालय, अभिलेखागार, पर्यटन विभाग, नीति अनुसंधान संस्थानों और एनजीओ में कार्य कर रहे हैं।

लाभ:

प्राथमिक स्रोतों का अध्ययन

फील्ड सर्वेक्षण अनुभव

शोध लेखन में परिपक्वता

मानविकी शिक्षा अब केवल सैद्धांतिक विमर्श नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का माध्यम बन रही है।

(2) वाणिज्य और प्रबंधन

बैंकिंग, वित्त, स्टार्टअप, डिजिटल मार्केटिंग और GST कंसल्टेंसी में इंटर्नशिप छात्रों को वास्तविक आर्थिक ढांचे से जोड़ रही है।

लाभ:

वित्तीय सॉफ्टवेयर का उपयोग

बाजार विश्लेषण

उद्यमिता कौशल

कई छात्रों ने इंटर्नशिप के बाद स्वयं का स्टार्टअप शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

(3) विज्ञान और तकनीकी

AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में प्रोजेक्ट आधारित प्रशिक्षण से तकनीकी दक्षता बढ़ रही है।

लाभ:

समस्या समाधान कौशल

नवाचार क्षमता

वैश्विक करियर अवसर

छात्र व्यक्तित्व पर प्रभाव

इंटर्नशिप केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है; यह व्यक्तित्व निर्माण का भी माध्यम है।

✔ आत्मविश्वास में वृद्धि

✔ संवाद कौशल में सुधार

✔ पेशेवर अनुशासन

✔ टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता

इंटरव्यू और प्लेसमेंट प्रक्रिया में ऐसे छात्रों की सफलता दर अधिक देखी जा रही है।

चुनौतियाँ: संतुलित दृष्टिकोण

हालाँकि इंटर्नशिप पहल परिवर्तनकारी है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ हैं:

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग की सीमित उपलब्धता

बिना पारिश्रमिक इंटर्नशिप से आर्थिक असमानता

कुछ स्थानों पर औपचारिकता भर रह जाना

गुणवत्ता नियंत्रण और मार्गदर्शन की कमी

इन चुनौतियों को दूर करने के लिए संस्थागत निगरानी और उद्योग-शिक्षा समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: परंपरा का आधुनिक पुनर्निर्माण

प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में ज्ञान और कर्म एक-दूसरे के पूरक थे। विद्यार्थी शास्त्र और शिल्प दोनों सीखते थे। आज NEP 2020 उसी परंपरा को आधुनिक उद्योग, डिजिटल तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में पुनर्जीवित कर रही है।

यह एक प्रकार का शैक्षिक पुनर्जागरण है — जहाँ डिग्री और दक्षता साथ-साथ चल रहे हैं।

निष्कर्ष: भविष्य की दिशा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत इंटर्नशिप व्यवस्था भारत की युवा शक्ति को—

रोजगार-योग्य

नवाचारी

आत्मनिर्भर

वैश्विक प्रतिस्पर्धी

बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही है।

तक्षशिला की शिक्षाधारा से लेकर डिजिटल युग के स्टार्टअप तक, शिक्षा का मूल उद्देश्य वही है—

जीवन के लिए तैयार करना।

आज का विद्यार्थी केवल ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी है।

यही है—

ज्ञान, कौशल और करियर का संगम,

जो भारत की शिक्षा को नए युग में प्रवेश करा रहा है। 

डॉ. श्वेता शर्मा

सहायक प्राध्यापक, इतिहास विभाग

एस.एस. जैन सुबोध पी.जी. स्वायत्त महाविद्यालय, जयपुर (राजस्थान)