शहर की सड़क व सफाई व्यवस्था की हालत खस्ता
शहर की सड़क व सफाई व्यवस्था की हालत खस्ता जोधपुर/ शहर में सड़कों सफाई रोड लाईटों के हालात खस्ता और कोई सुद लेने वाला नहीं हैँ.
ये हाल हे घंटाघर की सड़कों का कुछ महीनों पहले उपमुख्य मंत्री दिया कुमारी आयी थी इस क्षेत्र का पूरा निरीक्षण किया समाचार की सुर्खिया भी बनी और वाह वाही बटेरी लेकिन रिजल्ट कुछ भी नहीं कहा गया था कि घंटाघर का सौंदर्य करना होगा लेकिन कुछ भी नहीं हुआ । भारत के केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर से हैं इसके बावजूद भी कुछ शहर के हालात सुधरते नहीं और पर्यटन और सौंदर्यकरण के नाम पर बजट ख़र्च बता देते हैं पूरे शहर के शिविरेज लाइनें जाम और सड़कों पर बह रहा गंधा पानी बहता रहता हैं किसी मोहल्ले में जाओ सफाई व्यवस्था पस्त नजर आती हैं जोधपुर के प्रत्येक क्षेत्र में डंपिंग पॉइंट कचरे से भरे पड़े हे,चारों तरफ सड़के टूटी फूटी बड़े बड़े गड्ढे मानो कई दिनों से प्रशासन निष्क्रिय होकर मौन साधना की समाधि में लीन हो,अब तो अभय कमांड पूरे शहर में सीसीटीवी से निगरानी और यूडी टैक्स के लिए प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया हुआ हे और गूगल से देखकर संस्थानों को सर्च कर उनको नोटिस दे करोड़ों वसूले जा रहे हे और मूलभूत आवश्यकताओं से जुन्ज रही हे जनता ,तो क्या गूगल से डंपिंग स्टेशन प्वाइंट और खड्डे टूटी फूटी सड़के नजर नहीं आ रहे हे। कई वर्षों से सड़कों,सिवरेज के हालात खराब हैं.
शहर के परकोटे के अंदर लगभग सभी सड़के क्षतिग्रस्त कोई प्रशासन के अधिकारी या जनप्रतिनिधि दोपहिया वाहन ढंग से चलाकर तो बता दे। पिछले दिनों जिन जिन जगहों पर निगम प्रशासन की और से अतिक्रमण हटाए गए वे शाम से तुरंत यथास्थिति में वापस जम जाते हे,प्रशासनिक अधिकारियों व जिम्मेदारों को कोई फ़िक्र नहीं. चांदपोल, बकरा मंडी, सिवाची गेट, फुलाराव घाटी, व्यास पार्क, जूनी मंडी, खांडा फलसा, ब्रह्मपुरी जहाँ, किला रोड़ विधाशाला जहाँ से पर्यटक गुजरते हैं. बड़ी शर्मिंदगी महसूस होती हैं कि यहां प्रशासन निष्क्रियता सामने दिखती हैं पर अफसरों को का कोई भय नहीं। फिर डबल इंजन सरकार चुप्पी साधे हुए हैँ.