52वीं मंत्रालयिक कर्मचारी खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य समापन
52वीं मंत्रालयिक कर्मचारी खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का भव्य समापन
रिपोर्ट अकरम खान पाली
पाली। वन्देमातरम एकेडमी उच्च माध्यमिक विद्यालय भलेलाव रोड पाली में 52वीं मंत्रालयिक कर्मचारी खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का हर्षोल्लासपूर्ण समापन हुआ।
कार्यक्रम में करीब 200 सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे, जिससे पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।
खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ
मंत्रालयिक कार्मिकों ने विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों लोकनृत्य, गायन एवं नाट्य प्रस्तुतियों ने समापन समारोह को और भी मनमोहक बना दिया।
“जहाँ हुनर दिखे, वहीं रोशनियाँ भी होती हैं,
मंच कोई भी हो… पहचान तो मेहनत ही देती है।”
कार्यक्रम के सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब आए जब मंच पर उन कर्मचारियों को आमंत्रित किया गया जो अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवा दे चुके हैं ।

संस्थान में आयोजित गौरवपूर्ण सम्मान समारोह में आगामी वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले 29 कर्मचारियों का अभिनंदन किया गया ।
जिसमे 14 मंत्रालयिक कर्मचारी
5 कर्मचारी – राज्य
3 कर्मचारी – जिला प्रशासन
7 सहायक कर्मचारी
“कुछ नाम चमकते हैं सेवा की रोशनी में,
ज़िंदगी भर का फर्ज… आज सम्मान की ज़मीं में।”
खेलों से बढ़ी टीम भावना, संस्कृति से बढ़ा उत्साह
प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि स्वस्थता, सौहार्द और रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रशासनिक सेवा को और भी प्रभावी बनाते हैं।
“रंगों से सजा था मंच, सुरों की मधुर थी तान,
मुस्कुराहटों में बसी थी… एकता की पहचान।”
शानदार खेल प्रदर्शन
उत्साहपूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
सेवा-पथ पर अग्रसर कर्मचारियों का सम्मान
प्रशासनिक परिवार में सौहार्द और ऊर्जा का संचार
मंच छोटा हो या बड़ा, पहचान तो हुनर ही देता है।” इन पंक्तियों की तरह ही कार्यक्रम ने साबित किया कि सरकारी कार्मिक केवल प्रशासनिक दायित्वों में ही नहीं, बल्कि खेल और कला में भी अनोखी क्षमता रखते हैं। वंदे मातरम एकेडमी में आयोजित यह प्रतियोगिता केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों की प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण का जीवंत उत्सव थी।

सेवा के वर्षों को सम्मान देना, खेल व संस्कृति के माध्यम से उत्साह जगाना और आपसी एकता को प्रबल करना—यही इस कार्यक्रम की असली सफलता रही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और सभी उपस्थित कर्मचारियों ने अगले वर्ष और भी भव्य आयोजन का संकल्प लिया।