अनजान कॉल्स और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं चक्षु पोर्टल
*अनजान कॉल्स और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अपनाएं चक्षु पोर्टल: राजस्थान पुलिस की विशेष एडवाइजरी*
• डिजिटल सुरक्षा का नया हथियार: संदिग्घ नंबरों और फोन (IMEI) को तुरंत ब्लॉक करने की सुविधा
जयपुर 07 अप्रैल। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा द्वारा प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित 'संचार साथी' ऐप के अंतर्गत 'चक्षु पोर्टल' एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है। यह पोर्टल आमजन को फर्जी कॉल संदिग्ध एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए सशक्त बनाता है।
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम श्री शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि चक्षु पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल धोखाधड़ी में प्रयुक्त मोबाइल नंबर को ही डी-एक्टिवेट नहीं करता बल्कि उस मोबाइल हैंडसेट के IMEI नंबर को भी ब्लैकलिस्ट कर देता है। इस कारण अपराधी उसी फोन में दूसरी सिम डालकर दोबारा किसी अन्य व्यक्ति के साथ ठगी करने में सक्षम नहीं रह पाता। चक्षु पोर्टल पर रिपोर्टिंग के लिए नागरिक को धोखाधड़ी का माध्यम (कॉल/एसएमएस/व्हाट्सएप) घटना का समय-तारीख और संदिग्ध मैसेज या कॉल का स्क्रीनशॉट पोर्टल पर अपलोड करना होता है।
*इन प्रमुख साइबर अपराधों की तुरंत करें चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट:*
आजकल साइबर अपराधी विभिन्न हथकंडे अपनाकर लोगों को डराते या प्रलोभन देते हैं। यदि आपको कुरियर कंपनियों के नाम पर संदिग्ध कॉल आए या केवाईसी अपडेट के बहाने आपकी निजी जानकारी मांगी जाए तो इसकी सूचना तुरंत पोर्टल पर दें। इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस सीबीआई आरबीआई या कस्टम अधिकारी बताकर आपको डिजिटल अरेस्ट की धमकी देता है तो ऐसे नंबरों की चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें। साथ ही +92, +84, या +62 जैसे विदेशी कोड वाले नंबरों से आने वाले संदिग्ध जॉब ऑफर या मिस कॉल की जानकारी देना भी सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य है।
*सही समय पर सही पोर्टल का चुनाव: आपकी सुरक्षा के लिए गाइड*
नागरिकों को यह समझना आवश्यक है कि स्थिति के अनुसार उन्हें कहाँ शिकायत करनी चाहिए। यदि आपके पास केवल संदिग्ध कॉल या मैसेज आया है और अभी कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है तो 'चक्षु पोर्टल' पर रिपोर्ट करें ताकि उस नंबर और फोन को बंद किया जा सके। यदि आपके साथ ठगी हो चुकी है और पैसे बैंक से कट गए हैं तो बिना समय गंवाए 1930 डायल करें व cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि राशि को फ्रीज किया जा सके। यदि आपका मोबाइल फोन खो गया या चोरी हो गया है तो उसे ब्लॉक या ट्रैक करने के लिए संचार साथी के CEIR पोर्टल का उपयोग करें।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा आमजन से अपील करती है कि वे जागरूक बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में इन डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें। यदि आपके साथ कोई साइबर घटना घटित होती है तो तुरंत अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर सूचित करें। सतर्क रहें सुरक्षित रहें।
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