चौथे दिन भी डटे पत्रकार इंसाफ दो या जवाब दो” की गूंज
जयपुर से उठी चिंगारी बनी लपट: चौथे दिन भी डटे पत्रकार इंसाफ दो या जवाब दो” की गूंज
जयपुर। राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर पत्रकारों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी पूरे जोर पर है। आंदोलन अब एक बड़े जनआक्रोश का रूप ले चुका है, जहां साफ संदेश दिया जा रहा है—इंसाफ दो या जवाब दो।
जैसलमेर में वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र सिंह राठौड़ के रेस्टोरेंट पर हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पत्रकारों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि यह कदम निष्पक्ष कार्रवाई कम और दबाव का परिणाम ज्यादा है। कलेक्टर के तबादले को भी वे अधूरा कदम मानते हुए ठोस जवाब की मांग कर रहे हैं।
धरने में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्रों की भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती दी है। वहीं मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं होने और लंबे इंतजार ने आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने दो टूक कहा—“जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा आंदोलन जारी रहेगा।”
पत्रकारों का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की गरिमा और सुरक्षा की लड़ाई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बढ़ता दबाव यह संकेत दे रहा है कि यह आंदोलन अब और तेज हो सकता है।