मुख्य्मंत्री के नाम ने सौंपा ज्ञापन
मुख्य्मंत्री के नाम जीवाराम ने सौंपा ज्ञापन
पाली / मोड़ी भकारी निवासी जीवाराम ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा जिसमें अनुसूचित जाति जनजाति (भील) के व्यक्ति के साथ पाली के प्रभावशाली एवं राजनैतिक पहुँच बाले व्यक्तियों द्वारा की गई मारपीट एवं जातिसूचक टिप्पणीयों पर कार्यवाही किये जाने एवं ए.एस.आई. भंवराम ढांक के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की मांग की.
ज्ञापन में बताया कि जीवाराम पुत्र भंवराराम भील द्वारा 15 फरवरी को राजीव गांधी राजकुमार गुलेच्छा व शांतिलाल नाहर के विरूद्ध पुलिस थाना कोतवाली में दी गई रिपोर्ट पर कार्यवाही नहीं हुई जो तुरंत की जाएं तथा सर्वसमाज एवं अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों द्वारा एक अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति जीवाराम पुत्र भंवराराम जाति भील उम्र 33 वर्ष निवासी मोडी भाकरी तहसील रोहट जिला पाली द्वारा एक रिपोर्ट पुलिस थाना कोतवाली में पाली धन्नाढ्य एवं नामचीन राजनैतिक पहुँच वाले व्यक्तियों राजीव गांधी राजकुमार गुलेच्छा व शांतिलाल नाहर के विरुद्ध जातिसूचत शब्दों से अपमानित करने एवं मारपीट की धमकी दिये जाने बाबत् प्रस्तुत की गई थी। पुलिस थाना कोतवाली द्वारा इस रिपोर्ट को आज दिनांक तक दर्ज नहीं किया गया जिस पर प्रार्थी जीवाराम ने 19 फरवरी -2026 को पुलिस अधिक्षक पाली को भी इसको रिपोर्ट दर्ज करवाने बाबत् प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। परन्तु उक्त रिपोर्ट राजनैतिक दबाव एवं पैसो के दम पर आज दिनांक तक दर्ज नहीं की गई है। इसके विपरित ए.एस.आई. ढांक के विरूद्ध भारतीय सुरक्षा संहिता धारा 126 व 170 के अंतर्गत कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध इस्तगासा तैयार कर उप खण्ड अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। ए.एस.आई. भंवरराम द्वारा जिस समय की घटना बताई जा रही है उस वक्त राजीव गांधी कोतवाली थाने मे भी उपस्थित नहीं था। इसके बावजूद जीवाराम द्वारा उसके ऐलानिया धमकी बताकर गलत रूप से गिरफ्तार किया गया
जाए राजीव गांधी राजकुमार गुलेच्छा व शांतिलाल नाहर पूर्व से जीवराराम से परिचित है। पूर्व मे इनके विरूद्ध जीवाराम द्वारा बांगड़ स्कूल पाली के पास अवैध रूप से पेडो की कटाई के संबंध में शिकायत की थी उसी रंजीश के कारण इन व्यक्तियों द्वारा प्रार्थी जीवाराम को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया व मारपीट करने की धमकी दी गई। परन्तु पुलिस थाना कोतवाली द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं कर इसके विपरित दबाव में आकर गलत एवं अवैध रूप से प्रार्थी जीवाराम के विरूद्ध कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार किया गया। आज दिनांक तक प्रार्थी जीवाराम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई