छह साल की छोटी बच्ची सिजरा ने रखा पहला रोजा 

छह साल की छोटी बच्ची सिजरा ने रखा पहला रोजा 

छह साल की छोटी बच्ची सिजरा ने रखा पहला रोजा 

इफ्तार पार्टी में उमड़ा जनसैलाब 

रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल समद राही 

सोजत। रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत से ही छोटे छोटे बच्चों का रोज़ा रखना जारी है इन्हीं बच्चों को देखते हुए छह साल की छोटी बच्ची सिजरा ने अपना पहला रोजा रखकर सबका दिल जीत लिया। सोजत शहर के सिलावट मोहल्ला ढाल की गली में रहने वाले अब्दुल खालिद टांक व शबनम परवीन की 6 वर्षीय बेटी सिजरा ने अपना पहला रोजा रखा। सिजरा की दादी जेबुन्निसा ने भोर में उठाकर उसे सहरी खिलाई और पहला रोजा रखने का हौसला दिया। इस खास मौके पर दादी ने अपने पौत्री को त्योहारी भी दी। परिवार के सभी सदस्यों ने छोटे रोजेदार को दुआएं दीं और मुबारकबाद दी। अम्मी शबनम परवीन ने बेटी को फूलों का हार पहनाकर खुशी जाहिर की। पिता अब्दुल खालिद टांक ने बेटी के रोज़ा रखने की खुशी में मोहल्ले में रोज़ा इफ्तार पार्टी का प्रोग्राम रखा जिसमें भारी तादाद में लोग मौजूद रहे। जिसमें छोटे दादा शायर कवि पत्रकार अब्दुल समद राही, दादी रिहाना रानू, जाहिदा बानो, मोहम्मद वाजिद, रिजवाना फरीदाबानो, सीमा परवीन, तैबा टांक, मोहम्मद इम्तियाज राही, अब्दुल जावेद टाक, मोहम्मद उमैर, मोहम्मद नासिर खताई अब्दुल हन्नान मोहम्मद यासीन अब्दुल मन्नान शहनवाज रफाई, इमरान पठान, मोहम्मद मोहसिन, नौशाद टांक, मोहम्मद मुस्तकीम, नर्सिंग ऑफिसर हाकम हुसैन, बाबू आसिफ, मोहिन पठान, डाक्टर मोहिनुदीन चौहान, नाजिम सिलावट, ठेकेदार रिजवान खताई, मोहम्मद अबरार आदि कई गणमान्य जन उपस्थित थे।

सिजरा का कहना है कि वह अल्लाह से अपनी पढ़ाई में सफलता और जीवन में अच्छाई की दुआ मांगती है। उसने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को देखकर रोजा रखने की प्रेरणा ली। मुस्लिम समाज में माना जाता है कि रमजान के पवित्र महीने में की गई एक नेकी का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है।